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जंगल में छोड़ने के बाद भी फिर से लौट आता है 'नागराज', ऐसी है विष्णु और सांप की दोस्ती - mp news

10 साल के विष्णु और सांप 'नागराज' की अनोखी दोस्ती हर किसी को अचंभे में डाल देती है. बार-बार सांप को जंगल में छोड़ने के बावजूद वो वापस आ जाता है.

नागराज के साथ विष्णु
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Published : May 24, 2019, 8:01 PM IST

Updated : May 25, 2019, 8:29 AM IST

छतरपुर। इंसानी दोस्ती के कई उदाहरण देखे जाते हैं, लेकिन एक इंसान और नागराज की दोस्ती देख हर कोई अचंभे में पड़ जाता है. हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाता है कि क्या सचमुच एक जहरीला सांप किसी इंसान का इतना करीबी दोस्त हो सकता है. 10 साल के विष्णु और सांप की दोस्ती पिछले 5 साल से चली आ रही है.

नागराज के साथ विष्णु

जिले से महज 7 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में विष्णु नाम का बच्चा रहता है. परिवार के अन्य लोग भी उसके साथ रहते हैं. विष्णु का कहना है कि उसने सांप का नाम नागराज रखा है, जो हमेशा उसके साथ रहता है. सांप विष्णु के ही साथ खेलता है, खाता है. आसपास के बच्चे भी विष्णु के साथ खेलने आते हैं, लेकिन नागराज कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता.

विष्णु ने बताया कि 5 साल पहले उसने अपने पापा के जरिये उस सांप को पकड़ा था. विष्णु के पापा एक सपेरे हैं और सांप को अपनी रोजी-रोटी के लिए पकड़ते हैं. विष्णु का कहना है कि कई बार इस सांप को लेकर उसके माता-पिता से उसे डांट भी पड़ी है, लेकिन सांप उसका पीछा नहीं छोड़ता है और बार-बार वह उसके पास ही आ जाता है.

विष्णु के चाचा का कहना है कि इन दोनों की दोस्ती काफी फेमस है. विष्णु के चाचा की मानें तो विष्णु और सांप की दोस्ती काफी पुरानी है. कई बार सांप को जंगल में भी छोड़ दिया गया, विष्णु को डांट भी पड़ी, बावजूद इसके यह दोनों एक साथ ही दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि वे विष्णु को पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन सांप के कारण वो स्कूल नहीं जा पाता और घर पर ही पढ़ाई करता है.

छतरपुर। इंसानी दोस्ती के कई उदाहरण देखे जाते हैं, लेकिन एक इंसान और नागराज की दोस्ती देख हर कोई अचंभे में पड़ जाता है. हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाता है कि क्या सचमुच एक जहरीला सांप किसी इंसान का इतना करीबी दोस्त हो सकता है. 10 साल के विष्णु और सांप की दोस्ती पिछले 5 साल से चली आ रही है.

नागराज के साथ विष्णु

जिले से महज 7 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में विष्णु नाम का बच्चा रहता है. परिवार के अन्य लोग भी उसके साथ रहते हैं. विष्णु का कहना है कि उसने सांप का नाम नागराज रखा है, जो हमेशा उसके साथ रहता है. सांप विष्णु के ही साथ खेलता है, खाता है. आसपास के बच्चे भी विष्णु के साथ खेलने आते हैं, लेकिन नागराज कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता.

विष्णु ने बताया कि 5 साल पहले उसने अपने पापा के जरिये उस सांप को पकड़ा था. विष्णु के पापा एक सपेरे हैं और सांप को अपनी रोजी-रोटी के लिए पकड़ते हैं. विष्णु का कहना है कि कई बार इस सांप को लेकर उसके माता-पिता से उसे डांट भी पड़ी है, लेकिन सांप उसका पीछा नहीं छोड़ता है और बार-बार वह उसके पास ही आ जाता है.

विष्णु के चाचा का कहना है कि इन दोनों की दोस्ती काफी फेमस है. विष्णु के चाचा की मानें तो विष्णु और सांप की दोस्ती काफी पुरानी है. कई बार सांप को जंगल में भी छोड़ दिया गया, विष्णु को डांट भी पड़ी, बावजूद इसके यह दोनों एक साथ ही दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि वे विष्णु को पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन सांप के कारण वो स्कूल नहीं जा पाता और घर पर ही पढ़ाई करता है.

Intro: आपने इंसानी दोस्ती के कई किस्से सुने और देखे होंगे लेकिन आज हम आपको एक बेजुबान जानवर और एक मासूम की ऐसी अनोखी दोस्ती के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे देख कर आप यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे क्या हकीकत में एक जहरीला जानवर किसी इंसान का इतना करीबी दोस्त हो सकता है!

10 साल के मासूम की जहरीले सांप से यारी इन दिनों चर्चाओं में है पिछले 5 सालों से 10 साल का विष्णु और उसका दोस्त नागराज इन लोगों के लिए कौतूहल का विषय बने हुए हैं!


Body: तस्वीरों में आप जिस छोटे से बच्चे को अपने हाथ में नाक को लिए देख रहे हैं वह कोई नकली सांप या खिलौना नहीं है बल्कि वह एक जीता जागता जहरीला नाग है जिसे देखते ही लोग भागने या उसे मारने की कोशिश करने लगते हैं लेकिन 10 साल का विष्णु उसके लिए एक बेहतरीन दोस्त है और पिछले 5 सालों से इनकी यह दोस्ती लगातार चली आ रही है विष्णु की मानें तो 5 साल पहले से ही उसकी दोस्ती इस सांप से है विष्णु ने सांप का नाम नागराज रखा है विष्णु की मानें तो वह पिछले 5 सालों से ऐसे ही इस सांप से खेलता है और जहां भी जाता है उसे अपने साथ लेकर चला जाता है गांव के आसपास के बच्चे भी इसके साथ खेलने आ जाते हैं लेकिन हिसाब कभी किसी को कोई भी हानि नहीं पहुंचाता है!

विष्णु छतरपुर जिले से महज 7 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में रहता है परिवार के अन्य लोग भी उसके साथ रहते हैं विष्णु कक्षा 5 में पढ़ता था लेकिन हाल फिलहाल इसी कारणवश पढ़ाई नहीं कर पा रहा है लेकिन उसकी इच्छा है कि वह आगे पढ़ें जिसको लेकर वह अपने घर में ही पढ़ाई की प्रैक्टिस करता रहता है!

विष्णु ने बताया कि उसने 5 साल पहले सांप को अपने पापा के माध्यम से पकड़ा था विष्णु के पिता पेशे से एक सपेरे हैं और अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए सांपों को पकड़ कर उनका खेल दिखाते हैं 5 साल पहले पकड़ा यह सब आज भी विष्णु के साथ है विष्णु की मानें तो इसे कई बार जंगल में छोड़ दिया गया परिवार के लोग बहुत डरते भी हैं बावजूद इसके यह सांप इसका पीछा नहीं छोड़ता है बार-बार आ जाता है!

विष्णु का कहना है कि कई बार इस सांप को लेकर उसके माता-पिता से उसे डांट भी पड़ी है लेकिन सांप उसका पीछा नहीं छोड़ता है और बार-बार वह उसके पास ही आ जाता है

बाइट_विष्णु


विष्णु के चाचा ने बताया कि विष्णु बचपन से ही सांपों से खेलता है लेकिन इस सांप से उसका विशेष लगाव है कई बार इस सांप को जंगल में छुड़वा दिया है लेकिन फिर भी वह विष्णु के पास चला आता है विष्णु के चाचा का कहना है कि वह चाहते हैं कि उनका लड़का पढ़ लिख कर आगे बढ़े जितने भी बच्चे उनके परिवार में है वह उन सब को पढ़ा लिखा हुआ देखना चाहते हैं वह नहीं चाहते हैं कि उनके परिवार का कोई भी बच्चा आगे चलकर सांपों का खेल दिखा कर रोजी-रोटी कमाए!

विष्णु के चाचा की माने तो विष्णु एवं सांप की दोस्ती काफी पुरानी है कई बार सांप को जंगल में भी छोड़ दिया गया विष्णु को डांट भी पड़ी बावजूद इसके यह दोनों एक साथ ही दिखाई देते हैं!

बाइट_चाचा



Conclusion:विष्णु की उम्र भले ही 10 साल की हो लेकिन एक जहरीले नाग का विष्णु के साथ इस तरह का रिश्ता लोगों के लिए ना सिर्फ आश्चर्य बना हुआ है बल्कि दूर-दूर से लोग इसे देखने भी आ जाते हैं सपेरों का परिवार है लेकिन यह लोग नहीं चाहते हैं कि उनके बच्चे आगे जाकर इस प्रकार का कोई काम करें लेकिन बेहतर रोजगार एवं काम ना होने के कारण उन्हें इस प्रकार के करतब दिखाने पड़ते हैं विष्णु जी सांप के साथ खेलता रहता है उत्साह को कई बार उनके परिवार के लोग जंगल में छोड़ आए लेकिन फिर भी वह सांप विष्णु के पास पहुंच जाता है और विष्णु भी उसे अपने साथ किसी खिलौने के साथ ही रखता है!
Last Updated : May 25, 2019, 8:29 AM IST
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