भोपाल। पिछले एक साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में चयनित अभ्यर्थी ने ऑनलाइन चॉइस फिलिंग पर सवाल उठाया है. असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए चयनितों का आरोप लगाया है कि उन्हें अपने पसंद की जगह दूसरे कॉलेजों को विकल्प मिल रहा है, जबकि एक बार इन करने के बाद दूसरे कॉलेजों के विकल्प नहीं दिये गये हैं. जिसकी वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा विभाग शहरी क्षेत्र में एमपीपीएससी चयनितों को चॉइस फिलिंग का मौका देती हैं तो इससे शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा और पढ़े-लिखे अपने ज्ञान का ठीक तरीके से उपयोग भी कर सकेंगे.
बता दें कि पीएससी 38 विषयों की रिवाइज्ड लिस्ट जारी कर चुका है, जिसमें 2497 उम्मीदवार चयनित हो चुके हैं और उनमें से सिर्फ पॉलिटिकल साइंस का रिजल्ट घोषित होना बाकी है, चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी उच्च शिक्षा विभाग ने शुरू कर दिया है.