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चोरों के निशाने पर कोल खदानें, पुलिस के लिए सिरदर्द बने नकाबपोश - कोयला खदानों में चोरी का मामला

बैतूल जिले की कोल खदानों में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही है, जिस पर अंकुश लगाना सारणी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.

Theft case in coal mines
कोयला खदानों में चोरी का मामला
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Published : Sep 1, 2020, 12:00 PM IST

बैतूल। सारणी औद्योगिक नगरी में इन दिनों बदमाशों के हौसले बुलंद हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. यहां सुरक्षा टीम को चकमा देकर कोल खदानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, जिसे रोकना सारणी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है.

 Theft case in coal mines
बैतूल

ये पहली चोरी का मामला नहीं है. बीते कुछ दिन पूर्व ही वेकोलि की कुछ खदानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें कुछ नकाबपोश शामिल थे. जिन्हें अभी तक पुलिस पकड़ नहीं पाई है. ठीक वैसे ही वेकोलि की खदानों में चोरी की घटना 31 अगस्त यानी रविवार को हुई है, जिसमें रात के समय हथियारबंद नकाबपोशों ने पाथाखेडा की तवा वन खदान में घुसकर चोरी की और खदान के अंदर से एलएचडी मशीन का करीब 100 किलोग्राम हिस्सा काटकर मुहाने से लगभग 200 मीटर भीतर से ऊपर लाने का प्रयास किया था, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि औद्योगिक नगरी में सुरक्षा को लेकर पुलिस और वेकोलि की सुरक्षा टीम कितनी गंभीर है.

पहले भी शोभापुर खान, तवा टू, छतरपुर वन, छतरपुर टू और सारणी खदान में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. इन घटना कई बार वेकोलि कर्मियों की जान पर बन आई है, जो कई बार गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिसके बाद से वेकोलि के प्रबंधन के कर्मचारियों में भय का माहौल देखने को मिल रहा है. इसके अलावा कोल श्रमिक संगठनों ने भी कोयला खदानों में बढ़ रही चोरी की घटना और श्रमिकों पर हो रहे जानलेवा हमलों को देखते हुए वेकोलि प्रबंधन और सारणी पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, मगर अभी तक मांग पूरी नहीं हो पाई है.

बैतूल। सारणी औद्योगिक नगरी में इन दिनों बदमाशों के हौसले बुलंद हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. यहां सुरक्षा टीम को चकमा देकर कोल खदानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, जिसे रोकना सारणी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है.

 Theft case in coal mines
बैतूल

ये पहली चोरी का मामला नहीं है. बीते कुछ दिन पूर्व ही वेकोलि की कुछ खदानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें कुछ नकाबपोश शामिल थे. जिन्हें अभी तक पुलिस पकड़ नहीं पाई है. ठीक वैसे ही वेकोलि की खदानों में चोरी की घटना 31 अगस्त यानी रविवार को हुई है, जिसमें रात के समय हथियारबंद नकाबपोशों ने पाथाखेडा की तवा वन खदान में घुसकर चोरी की और खदान के अंदर से एलएचडी मशीन का करीब 100 किलोग्राम हिस्सा काटकर मुहाने से लगभग 200 मीटर भीतर से ऊपर लाने का प्रयास किया था, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि औद्योगिक नगरी में सुरक्षा को लेकर पुलिस और वेकोलि की सुरक्षा टीम कितनी गंभीर है.

पहले भी शोभापुर खान, तवा टू, छतरपुर वन, छतरपुर टू और सारणी खदान में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. इन घटना कई बार वेकोलि कर्मियों की जान पर बन आई है, जो कई बार गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिसके बाद से वेकोलि के प्रबंधन के कर्मचारियों में भय का माहौल देखने को मिल रहा है. इसके अलावा कोल श्रमिक संगठनों ने भी कोयला खदानों में बढ़ रही चोरी की घटना और श्रमिकों पर हो रहे जानलेवा हमलों को देखते हुए वेकोलि प्रबंधन और सारणी पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, मगर अभी तक मांग पूरी नहीं हो पाई है.

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