रांची: गांजा प्लांट कर ईसीएल के कर्मी चिरंजीत घोष को फंसाने के मामले में सीआईडी बंगाल के एसडीपीओ मिथुन डे से पूछताछ करेगी. गांजा केस में मिथुन की भूमिका संदेह के घेरे में है. सीआईडी ने मिथुन डे को इस मामले में हाजिर होने के लिए नोटिस भेज दिया है.
एक सितंबर को बुलाया पूछताछ के लिए
एक सितंबर को मिथुन डे को पूछताछ के लिए रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय बुलाया गया है. गौरतलब है कि 2019 के अगस्त महीने में धनबाद की निरसा पुलिस ने फर्जी तरीके से गांजा प्लांट किए जाने के मामले में आसनसोल निवासी चिरंजीत घोष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस मामले को टेकओवर करने के बाद सीआईडी ने मिथुन डे की भूमिका संदेहास्पद पाई थी.
बंगाल पुलिस के अफसर ने बुना था जाल
सीआईडी की तरफ से गिरफ्तार किए गए धनबाद पुलिस के मुखबीर नीरज तिवारी समेत दूसरे आोरपी ने पूछताछ में यह स्वीकार किया था कि बंगाल पुलिस के लिए काम करने वाले राजीव राय एक टवेरा गाड़ी में गांजा लेकर आया था. इसके बाद निरसा में प्रवेश के बाद इस गाड़ी को धनबाद पुलिस के मुखबिरों को सौंप दिया गया था. इस मामले में गिरफ्तार हुए राजीव राय ने भी सीआईडी को दिए बयान में मिथुन डे की भूमिका की जानकारी दी थी.
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चिरंजीत की पत्नी ने लगाया था आरोप
चिरंजीत घोष की पत्नी श्रावणी घोष बंगाल में ही अलीपुर जेल में सिपाही हैं. श्रावणी घोष ने आरोप लगाया था कि मिथुन डे की गलत नजर उसपर थी, वह उससे शादी करना चाहता था, लेकिन इसी दौरान उसने चिरंजीत घोष से शादी कर ली, जिसके बाद पुलिस की मिलीभगत से उसके पति को गांजा केस में फंसा दिया गया था.