जमशदपुर: केंद्र की मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा. इस पर आम लोगों के मन को टटोला गया तो महिलाओं, गृहणियों ने खुलकर अपने जज्बात बयान किए. अधिकर महिलाएं बजट में महंगाई कम करने के उपाय किए जाने की उम्मीद लगाए बैठी हैं. उनका कहना है कि बजट 2021-22 को लेकर लोगों को काफी उम्मीद है.
युवा सरकारी भर्ती की देख रहे राह
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से 1 फरवरी सोमवार को संसद में आम बजट पेश किया जाएगा. वैश्विक महामारी कोरोना के कहर के कारण देश की अर्थव्यवस्था बेपटरी हो चुकी है. कई लोगों की नौकरियां भी खत्म हो चुकी हैं. कई उद्योग धंधे भी बंद हो चुके हैं. ऐसे में 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवाओं की निगाहें टिकी रहेंगी. बेरोजगार युवाओं के लिए निजी और सरकारी कंपनियों में नौकरी के लिए भर्तियां निकाली जाने की उम्मीद जताई जा रही हैं. युवाओं की टोली ने बताया बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी जाए.
कीमतों पर हो नियंत्रण
झारखंड के जमशेदपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के कारण आम आदमी की कमर टूट चुकी है. आमदनी का महत्वपूर्ण भाग आम आदमी पेट्रोल और डीजल पर खर्च कर रहा है. जिसके कारण परिवार का भरण पोषण करना मुमकिन नहीं हो पा रहा है. लोग इसकी कीमत पर भी नियंत्रण चाहते हैं.
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शैक्षणिक संस्था खुलने की भी उम्मीद
बजट को लेकर कामकाजी महिलाओं और गृहणियों का कहना है कि महंगाई की मार के कारण आम आदमी की हालत खराब होती जा रही है. इधर जमशेदपुर के छात्रों का कहना है कि बजट में झारखंड की आर्थिक राजधानी जमशेदपुर के लिए शैक्षणिक संस्थाएं खोली जाएं. जिससे यहां के छात्र-छात्राओं को दूसरे राज्य में पढ़ने के लिए विवश न होना पड़े. महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए.