दुमका: उत्तर प्रदेश के कानपूर से परीक्षा देकर पश्चिम बंगाल लौट रहे 19 छात्र-छात्राओं को पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीमा पर रोक दिया. इन सभी को दुमका के शिकारीपाड़ा प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने पनाह दी है. इस टीम के साथ वाहन के दो कर्मी भी शामिल हैं.
क्या है पूरा मामला
दरअसल पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले 13 छात्र और 6 छात्राएं मास्टर डिग्री की परीक्षा में शामिल होने कानपुर गए थे. लॉकडाउन होने के कारण इन सभी स्टूडेंटों ने कानपुर में एक वाहन हायर किया और स्थानीय प्रशासन की अनुमति लेकर मालदा जा रहे थे. वहां से आने के क्रम में बिहार और झारखंड पार करने के बाद सभी को पश्चिम बंगाल में पुलिस ने रोक लिया. पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस पूरी टीम को सीमा पर स्थित दुमका के शिकारीपाड़ा प्रखंड में वापस भेज दिया. इसकी सूचना जैसे ही शिकारीपाड़ा के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मिली. उन्होंने मानवता दिखायी और सभी के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की.
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सभी स्टूडेंट्स और वाहन चालक को सीमा पर स्थित बड़ा चपोड़िया गांव में बनाए गए क्वारनटाइन सेंटर में रखा गया है, जबकि सुरक्षा की दृष्टिकोण से सभी छात्राओं को प्रखंड परिसर में बने क्वारनटाइन सेंटर में रखा गया है.
क्या कहना है शिकारीपाड़ा के बीडीओ का
इस पूरे मामले में शिकारीपाड़ा के बीडीओ संजीव कुमार ने बताया कि इन परीक्षार्थियों ने कानपुर प्रशासन का मालदा तक जाने का पास बनवा लिया था, फिर भी इन्हें पश्चिम बंगाल में रोक कर हमारे सीमा में वापस भेज दिया गया है. दुमका जिला प्रशासन ने सभी के रहने खाने का इंतजाम किया है, ये लॉकडाउन तक क्वारनटाइन में ही रहेंगे.