धनबादः जिले के कतरास थाना अंतर्गत अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक युवक ने पुलिसकर्मी से अभद्रता करते हुए वर्दी फाड़ दी, लेकिन कार्रवाई के बजाए आरोपी को छोड़ दिया गया, जो चर्चा का विषय बना है. अब यह मामला सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है.
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मामला मंगलवार का है. कतरास थाने के समीप वाहन जांच अभियान पुलिस द्वारा चलाया जा रहा था. इसी दौरान छाताबाद के रहने वाले दो युवक बाइक संख्या jh bn 5274 पर सवार जांच स्थल पर पहुंचे. इस दौरान बाइक को रोकने का इशारा पुलिस ने किया.
दोनों युवकों हेलमेट नहीं पहने थे. अचानक से एक युवक ग्यासुल हसन पुलिस से उलझ गया और जांच कर रहे प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर चन्दन प्रधान से हाथापाई कर दी. इस हाथापाई में पीएसआई की वर्दी फट गई. पुलिस के साथ युवक की करतूत को देखकर लोग आश्चर्यचकित हो गए.
मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने किसी तरह युवक को पकड़ कर थाना ले गए. वहां भी युवक ने जमकर हंगामा करते हुए पुलिस से उलझ गया और अपनी धौंस दिखाने लगा, जिसके बाद पुलिस ने युवक के साथ वाहन में बैठे उसके सहोदर को हिरासत में ले लिया.
इसके बाद युवकों को छुड़वाना की पैरवी चलने लगी. देर रात युवक को रिहा कर दिया गया.आश्चर्य की बात है कि शिकायत आवेदन में केस रजिटर्ड नंबर चढ़ने के बाद भी युवक को पुलिस ने रिहा कर दी.
आरोपियों पर नरमी क्यों
बहराल वाहन चैकिंग के दौरान एक पीएसआई के साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई कर वर्दी फाड़ देने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. सवाल उठता है कि ऐसे गंभीर कार्य करने के बाद भी आखिर कतरास पुलिस ने उन युवकों पर क्यों मेहरबानी दिखाई, जबकि थाने के पुलिसकर्मी से अभद्रता, हाथापाई, वर्दी को फाड़ने जैसा आरोप किया गया.
मामले को लेकर थाना प्रभारी रास बिहारी लाल से सम्पर्क किया गया तो बयान के लिए उपलब्ध न होने की बात बताई गई. फोन पर बताया कि बॉन्ड भराकर युवकों को छोड़ा गया है.
थाना प्रभारी ने घटना को लेकर स्वीकार भी किया है. वर्दी फाड़ने तथा हिरासत से अभियुक्त को छुड़ाने के मामले में बाघमारा के वर्तमान विधायक ढुल्लू महतो 9 महीने जेल में बंद रहे थे. हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद विधायक रिहा हुए थे.