देवघर: जिले के टॉवर चौक के झोसगढ़ी में चार साल पहले बने नए बिल्डिंग में सदर अस्पताल को शिफ्ट किया गया था. जहां संताल परगना सहित बिहार से भी आए मरीजों का इलाज होता है. इधर, सदर अस्पताल के भवन निर्माण में कई गड़बड़ियों की शिकायत जिला परिषद अध्यक्ष रीता राय को मिल रही थी. जिसके बाद भवन निर्माण करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी के कार्यों को लेकर जांच टीम गठित की जाएगी.
भवन निर्माण करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी, सिविल और इलेक्ट्रिकल के साथ सीवरेज, ड्रेनेज और आउटसोर्सिंग से बहाल किये गए कर्मियों तक के कार्यो में जांच के लिए टीम गठित की जा रही है. साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष का ब्यौरा अस्पताल प्रबंधन से मांगी गई है. साथ ही सभी को मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की भी निर्देश दिए गए हैं. करोड़ों की लागत से बनी सदर अस्पताल में बिल्डिंग की स्थिति खराब हो गई है. सदर अस्पताल के ड्रेसिंग रूम की छत इतनी खराब हो गई है कि कंपाउंडर ड्रेसिंग रूम में मरीजों का मरहम पट्टी नहीं करते हैं, क्योंकि छत गिरने की आशंका लगी रहती है.
और पढ़ें- जमशेदपुरः लाइव पेंटिंग बनाकर केरल के मृत हथिनी को आर्टिस्ट सुमन ने दी श्रद्धांजलि
सदर अस्पताल के नए भवन की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि कई जगहों से छत से पानी का रिसाव होता है. इतना ही नहीं अस्पताल के बाहर ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति और भी खराब है. अस्पताल परिसर के अंदर और बाहर खुले में पानी बह रहा है. इसके लिए अस्पताल प्रबंधक की ओर से तत्काल मिट्टी का बांध बनवाया गया है. ऐसे में अब विभागीय लापरवाही के लिए जांच टीम का गठित हो रही है. जिला परिषद अध्यक्ष ने पांच सदस्यीय टीम से इसकी जांच कराने की बात कही है.