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फ्लाइंग सिख का हिमाचल से रहा है गहरा नाता, निधन की खबर से कसौली में शोक की लहर - भारतीय खिलाड़ी मिल्खा सिंह

फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह ने दुनिया को अलविदा कह दिया है. उनके निधन की खबर से पूरे देश के लोगों में शोक की लहर है. कसौली के लोगों को भी उनके निधन की खबर जानकर दुख हो रहा है. कसौली के सारे लोग मिल्खा सिंह के न रहने से गमगीन हो गए हैं. कसौली में अपना बंगला होने के चलते वह कई बार गर्मियों में यहां आते थे और कसौली की शांत वादियों में अपना समय व्यतीत करते थे.

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Published : Jun 19, 2021, 10:37 AM IST

Updated : Jun 19, 2021, 10:45 AM IST

कसौली/सोलन: कोरोना संक्रमण के चलते मशहूर धावक मिल्खा सिंह का निधन हो गया. उन्होंने चंडीगढ़ के अस्पताल में शुक्रवार रात 11 बजकर 30 मिनट पर अंतिम सांस ली. मिल्खा सिंह का आज अंतिम संस्कार चंडीगढ़ के सेक्टर-25 के श्मशान घाट में किया जाएगा. कुछ दिन पहले उनकी पत्नी और भारतीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर ने भी कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया था.

मिल्खा सिंह का हिमाचल प्रदेश के कसौली से गहरा नाता रहा है. हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र कसौली से ताल्लुक रखने वाले मिल्खा सिंह के निधन की खबर सुनकर लोग गमगीन हो गए हैं. कसौली में अपना बंगला होने के चलते वह कई बार गर्मियों में यहां आते थे और कसौली की शांत वादियों में अपना समय व्यतीत करते थे, लेकिन शुक्रवार देर रात वह कोरोना से जंग हार गए.

कसौली में शोक की लहर

जब कसौली के लोगों को उनके निधन की खबर लगी तो उनकी आंखें नम हो गई. मिल्खा सिंह कसौली क्लब के सदस्य भी थे. गर्मियों में खासकर जून और जुलाई महीने में मिल्खा सिंह कसौली वीक में भाग लेने के लिए यहां आते थे. मिल्खा सिंह और उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह दोनों ही कसौली में अपने मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे.

कसौली की सड़कों पर करते थे सैर

कसौली आने पर मिल्खा सिंह को सुबह या शाम के समय मंकी प्वाइंट की ओर जाने वाली सड़क पर सैर करते देखा जाता था. उनका हर समय यही कहना होता था कि जो गोल्ड मेडल रोम ओलंपिक में उनसे छूट गया था, उसे वह अपने जिंदा रहते देश में देखना चाहते हैं, लेकिन उनका यह सपना भी अधूरा ही रह गया.

मिल्खा सिंह ने बढ़ाई थी देश की शान

खेलों के महाकुंभ ओलंपिक का वह दौर जब भारतीय खिलाड़ी उसमें प्रवेश के लिए भी जूझते थे, तो उस समय देश के एक मतवाले ने तिरंगे की ऐसी शान बढ़ाई कि पूरा विश्व देखता रह गया. उस समय बेशक मिल्खा के हाथ से गोल्ड मेडल छूट गया, लेकिन उनकी शिद्दत ने देशवासियों को जो उम्मीद बंधाई थी, उसे आज के खिलाड़ी पूरा कर रहे हैं.

फ्लाइंग सिख के नाम से थे मशहूर मिल्खा

साधारण से एक सिख ने नंगे पांव कंकर-पत्थर भरे रास्तों पर दौड़ते हुए एथलेटिक्स ट्रैक तक की सफल उड़ान भरी. मिल्खा सिंह फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर हुए. वह विश्वभर के देशों में 80 रेस दौड़ें और 77 जीते. एशिया का तूफान कहे जाने वाले पाकिस्तान के रेसर अब्दुल खालिक को उसके ही देश में आसानी से हरा दिया था. इस पर पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल अयूब खान ने मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख का खिताब दिया था.

ये भी पढ़ें: नहीं रहे 'फ्लाइंग सिख' : पीएम मोदी सहित कई हस्तियों ने नम आंखों से जताया दुख

कसौली/सोलन: कोरोना संक्रमण के चलते मशहूर धावक मिल्खा सिंह का निधन हो गया. उन्होंने चंडीगढ़ के अस्पताल में शुक्रवार रात 11 बजकर 30 मिनट पर अंतिम सांस ली. मिल्खा सिंह का आज अंतिम संस्कार चंडीगढ़ के सेक्टर-25 के श्मशान घाट में किया जाएगा. कुछ दिन पहले उनकी पत्नी और भारतीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर ने भी कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया था.

मिल्खा सिंह का हिमाचल प्रदेश के कसौली से गहरा नाता रहा है. हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र कसौली से ताल्लुक रखने वाले मिल्खा सिंह के निधन की खबर सुनकर लोग गमगीन हो गए हैं. कसौली में अपना बंगला होने के चलते वह कई बार गर्मियों में यहां आते थे और कसौली की शांत वादियों में अपना समय व्यतीत करते थे, लेकिन शुक्रवार देर रात वह कोरोना से जंग हार गए.

कसौली में शोक की लहर

जब कसौली के लोगों को उनके निधन की खबर लगी तो उनकी आंखें नम हो गई. मिल्खा सिंह कसौली क्लब के सदस्य भी थे. गर्मियों में खासकर जून और जुलाई महीने में मिल्खा सिंह कसौली वीक में भाग लेने के लिए यहां आते थे. मिल्खा सिंह और उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह दोनों ही कसौली में अपने मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे.

कसौली की सड़कों पर करते थे सैर

कसौली आने पर मिल्खा सिंह को सुबह या शाम के समय मंकी प्वाइंट की ओर जाने वाली सड़क पर सैर करते देखा जाता था. उनका हर समय यही कहना होता था कि जो गोल्ड मेडल रोम ओलंपिक में उनसे छूट गया था, उसे वह अपने जिंदा रहते देश में देखना चाहते हैं, लेकिन उनका यह सपना भी अधूरा ही रह गया.

मिल्खा सिंह ने बढ़ाई थी देश की शान

खेलों के महाकुंभ ओलंपिक का वह दौर जब भारतीय खिलाड़ी उसमें प्रवेश के लिए भी जूझते थे, तो उस समय देश के एक मतवाले ने तिरंगे की ऐसी शान बढ़ाई कि पूरा विश्व देखता रह गया. उस समय बेशक मिल्खा के हाथ से गोल्ड मेडल छूट गया, लेकिन उनकी शिद्दत ने देशवासियों को जो उम्मीद बंधाई थी, उसे आज के खिलाड़ी पूरा कर रहे हैं.

फ्लाइंग सिख के नाम से थे मशहूर मिल्खा

साधारण से एक सिख ने नंगे पांव कंकर-पत्थर भरे रास्तों पर दौड़ते हुए एथलेटिक्स ट्रैक तक की सफल उड़ान भरी. मिल्खा सिंह फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर हुए. वह विश्वभर के देशों में 80 रेस दौड़ें और 77 जीते. एशिया का तूफान कहे जाने वाले पाकिस्तान के रेसर अब्दुल खालिक को उसके ही देश में आसानी से हरा दिया था. इस पर पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल अयूब खान ने मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख का खिताब दिया था.

ये भी पढ़ें: नहीं रहे 'फ्लाइंग सिख' : पीएम मोदी सहित कई हस्तियों ने नम आंखों से जताया दुख

Last Updated : Jun 19, 2021, 10:45 AM IST
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