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इस दिव्यांग परिवार को सरकारी मदद की आस, मां मजदूरी और लोगों के घरों में काम कर पाल रही परिवार - Divyang family

25 सालों से महादेव निवासी जियवत यादव का परिवार सरकारी सुविधा का लाभ नहीं उठा पाया है.

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Published : Feb 16, 2019, 9:57 PM IST

सुंदरनगर: पिछले 25 वर्ष से हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकार रही लेकिन, कोई भी सुंदरनगर के एक दिव्यांग परिवार को सरकारी सुविधा का लाभ नहीं दे पाया. जिसके लिए दिव्यांग परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं.
तकरीबन 25 सालों से महादेव निवासी जियवत यादव का परिवार सरकारी सुविधा का लाभ नहीं उठा पाया है. दिव्यांग के लिए लागू की गई हिमाचल प्रदेश की योजनाएं धरातल पर लागू होती नहीं दिख रही हैं. यहां पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है. पंचायत की ओर से आज दिन तक ना तो इस परिवार को पंचायत परिवार लिस्ट में दर्ज किया गया और ना ही पंचायत ने अपने स्तर पर इस परिवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशन लगाने के लिए कोई पैरवी की.

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दिव्यांग बाप-बेटी की कहानी यहां तक ही सीमित नजर नहीं आई जब भी पंचायत में कोरम होता है या विशेष सभा का आयोजन होता है तो तब भी इस परिवार के साथ अनदेखी की गई है. अब शर्म के मारे इस परिवार ने पंचायत में जाना ही छोड़ दिया है और दिव्यांग जियवत यादव की पत्नी अपने परिवार का गुजारा किराए के मकान के साथ एक छोटे से खोखे में टॉफी और नमकीन बेचने के साथ लोगों के घर में मजदूरी कर-कर रही हैं और दिव्यांग बेटी नीतू पढ़ने के काफी होनहार है और पढ़ लिखकर देश का नाम रोशन करना चाहती है लेकिन, गरीबी के कारण पढ़ पाने से असमर्थ हैं.
आप को बता दें कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष मौलिक अधिकार हैं और 149 एक्ट के तहत विशेष तौर से प्रावधान किया गया है कि ऐसे दिव्यांगों के लिए उनके कार्य अविलंब प्राथमिकता के आधार पर होने चाहिए. वहीं दिव्यांग परिवार ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि उनके परिवार को जल्द से जल्द सरकारी सुविधा का लाभ दे सके ताकि वे परिवार का गुजारा कर सकें नहीं तो इस महंगाई की दौर में गरीब परिवार का जीना मुश्किल हो जाएगा.
महादेव निवासी पीड़ित दिव्यांग जियवत यादव का कहना है कि मैं और मेरा परिवार पिछले 25 साल से महादेव में रहता है सरकार की तरफ से राशन कार्ड बनाया गया है लेकिन मेरे परिवार का आज तक परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया और पंचायत और सरकार की तरफ से पिछले 25 वर्ष से किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द मुझे और मेरे परिवार को सरकारी सुविधा का लाभ दिया जाए.

सुंदरनगर: पिछले 25 वर्ष से हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकार रही लेकिन, कोई भी सुंदरनगर के एक दिव्यांग परिवार को सरकारी सुविधा का लाभ नहीं दे पाया. जिसके लिए दिव्यांग परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं.
तकरीबन 25 सालों से महादेव निवासी जियवत यादव का परिवार सरकारी सुविधा का लाभ नहीं उठा पाया है. दिव्यांग के लिए लागू की गई हिमाचल प्रदेश की योजनाएं धरातल पर लागू होती नहीं दिख रही हैं. यहां पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है. पंचायत की ओर से आज दिन तक ना तो इस परिवार को पंचायत परिवार लिस्ट में दर्ज किया गया और ना ही पंचायत ने अपने स्तर पर इस परिवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशन लगाने के लिए कोई पैरवी की.

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दिव्यांग बाप-बेटी की कहानी यहां तक ही सीमित नजर नहीं आई जब भी पंचायत में कोरम होता है या विशेष सभा का आयोजन होता है तो तब भी इस परिवार के साथ अनदेखी की गई है. अब शर्म के मारे इस परिवार ने पंचायत में जाना ही छोड़ दिया है और दिव्यांग जियवत यादव की पत्नी अपने परिवार का गुजारा किराए के मकान के साथ एक छोटे से खोखे में टॉफी और नमकीन बेचने के साथ लोगों के घर में मजदूरी कर-कर रही हैं और दिव्यांग बेटी नीतू पढ़ने के काफी होनहार है और पढ़ लिखकर देश का नाम रोशन करना चाहती है लेकिन, गरीबी के कारण पढ़ पाने से असमर्थ हैं.
आप को बता दें कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष मौलिक अधिकार हैं और 149 एक्ट के तहत विशेष तौर से प्रावधान किया गया है कि ऐसे दिव्यांगों के लिए उनके कार्य अविलंब प्राथमिकता के आधार पर होने चाहिए. वहीं दिव्यांग परिवार ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि उनके परिवार को जल्द से जल्द सरकारी सुविधा का लाभ दे सके ताकि वे परिवार का गुजारा कर सकें नहीं तो इस महंगाई की दौर में गरीब परिवार का जीना मुश्किल हो जाएगा.
महादेव निवासी पीड़ित दिव्यांग जियवत यादव का कहना है कि मैं और मेरा परिवार पिछले 25 साल से महादेव में रहता है सरकार की तरफ से राशन कार्ड बनाया गया है लेकिन मेरे परिवार का आज तक परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया और पंचायत और सरकार की तरफ से पिछले 25 वर्ष से किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द मुझे और मेरे परिवार को सरकारी सुविधा का लाभ दिया जाए.
Intro:25 साल से दिव्यांग परिवार को नही मिली कोई सरकारी सुविधा

ग्राम पंचायत महादेव के अधिकारियों का शिकार हुए 75 फीसदी दिव्यांग बाप-बेटी

दिव्यांगो के लिए चलाई प्रदेश सरकार की योजनाएं धरातल पर फेल

दिव्यांग बेटी पढ़ने में है होनहार, लेकिन गरीबी के कारण कैसे करे आगे की पढ़ाई

माँ मजदूरी और लोगो के घरो में काम कर पाल रही परिवार

किराये के मकान के साथ, छोटे से खोखे में टॉफी और नमकीन बेच जी रहा परिवार



Body:एकर : पिछले 25 वर्ष से हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकार रही लेकिन कोई भी सुंदरनगर के एक दिव्यांग परिवार को सरकारी सुविधा का लाभ नहीं दे पाया जिसके लिए दिव्यांग परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। उपमंडल सुंदरनगर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत महादेव के पदाधिकारियों की दादागिरी का शिकार 75 से अधिक आंखों दिव्यांग बाप-बेटी सीधे तौर पर हुए हैं तकरीबन 25 सालों से महादेव निवासी जियवत यादव का परिवार सरकारी सुविधा का लाभ नहीं उठा पाया है दिव्यांग के लिए लागू की गई हिमाचल प्रदेश की योजनाएं धरातल पर लागू होती नहीं दिख रही हैं यहां पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है पंचायत की और से आज दिन तक ना तो इस परिवार को पंचायत परिवार लिस्ट में दर्ज किया गया और ना ही पंचायत ने अपने स्तर पर इस परिवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशन लगाने के लिए कोई पैरवी की। इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि हिमाचल सरकार की जनकल्याण की योजनाएं धरातल पर किस कदर फल फूल हो रही हैं दिव्यांग बाप-बेटी की कहानी यहां तक ही सीमित नजर नहीं आई जब भी पंचायत में कोरम होता है या विशेष सभा का आयोजन होता है तो तब भी इस परिवार के साथ अनदेखी की गई है। और अब शर्म के मारे इस परिवार ने पंचायत में जाना ही छोड़ दिया है और दिव्यांग जियवत यादव की पत्नी अपने परिवार का गुजारा किराए के मकान के साथ एक छोटे से खोखे में टॉफी और नमकीन बेचने के साथ लोगों के घर में मजदूरी कर-कर रही है। और दिव्यांग बेटी नीतू पढ़ने के काफी होनहार है और पढ़ लिखकर देश का नाम रोशन करना चाहती है लेकिन गरीबी के कारण पढ़ पाने से असमर्थ है।
आप को बता दे कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष मौलिक अधिकार है और 149 एक्ट के तहत विशेष तौर से प्रावधान किया गया है कि ऐसे दिव्यांगो के लिए उनके कार्य अविलंब प्राथमिकता के आधार पर होने चाहिए। वहीं दिव्यांग परिवार ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि उनके परिवार को जल्द से जल्द सरकारी सुविधा का लाभ दे सके ताकि वे परिवार का गुजारा कर सकें नहीं तो इस महंगाई की दौर में गरीब परिवार का जीना मुश्किल हो जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले को किस तरह से देखती है।


Conclusion:बाइट 01 : पीड़ित दिव्यांग जियवत यादव

वीओ : महादेव निवासी पीड़ित दिव्यांग जियवत यादव का कहना है की मै और मेरा परिवार पिछले 25 साल से महादेव में रहता है सरकार की तरफ से राशन कार्ड बनाया गया है लेकिन मेरे परिवार का आज तक परिवार रजिस्टर में दर्ज नही किया गया और पंचायत और सरकार की तरफ से पिछले 25 वर्ष से किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नही मिल पाया है जिस कारण लगातर ठोकरे खा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द मुझे और मेरे परिवार को सरकारी सुविधा का लाभ दिया जाए।

बाइट 02 : पीड़ित दिव्यांग जियवत यादव की दिव्यांग बेटी नीतू

वीओ : दिव्यांग बेटी नीतू ने बताया कि कि वे पढ़कर कुछ बनना चाहती हैं लेकिन परिवार को सरकार की तरफ से कोई भी सुविधा का लाभ नहीं दिया जा रहा है जिस कारण मेरे माता पिता मुझे पढ़ाने के लिए असमर्थ हैं उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में पंचायत सचिव को कई बार मूल दस्तावेजों की असल कॉपिया दे चुके हैं लेकिन उन की तरफ कोई ध्यान नही दिया जा रहा। उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है कि उनके परिवार को सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ दिया जाए।

बाइट 03 : पीड़ित दिव्यांग जियवत यादव की पत्नी नमिता देवी

वीओ : पीड़ित दिव्यांग जियवत यादव की पत्नी नमिता देवी
ने कहा कि मेरे पति और बेटी 75 फीसदी से अधिक दिव्यांग है कि बार बार पंचायत, एसडीएम और डीसी को पत्र सौंप चुके है लेकिन कोई भी सुनवाई नही कर रहा है घर पर कमाने वाला कोई नही है में लोगो के घरों में मजदूरी कर परिवार का गुजारा कर रही हु।
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