बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में सीमेंट के दो प्लांट अनिश्चितकाल के लिए बंद करने के मामले पर सदर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के घनिष्ठ दोस्त अडानी अपने ट्रक लेकर रोपड़ पंजाब में पहुंच गया है. वह इन ट्रकों को बिलासपुर की बरमाणा एसीसी फैक्ट्री में लगाना चाह रहा है, लेकिन उनको बिलासपुर क्या हिमाचल की किसी भी सीमा से प्रवेश करने के लिए नहीं दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है कि पार्टी पूरी तरह से जनता के साथ है और आने वाले दिनों में इस परिस्थिति का मजबूती के साथ सामना किया जाएगा. कंपनी अपने सोशल उत्तरदायित्व से नहीं बच सकती. कंपनी मनमानी पर उतर आई है जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों ने बैंकों से लोन लेकर गाड़ियां खरीदी हैं और हर माह किश्तों की अदायगी की जाती है. इस तरह की कार्रवाई से ऑपरेटरों को परेशान करना सही नहीं है. (Bumber Thakur Target Adani) (Bumber Thakur on Cement Plant in Himachal)
उन्होंने कहा कि यदि कंपनी के समक्ष स्थितियां सही नहीं थी तो फिर चुनाव से पहले क्यों नहीं ऐसा किया. जबकि चुनाव के बाद राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इस तरह का कदम उठाना कहां तक सही होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि अंबुजा और एसीसी कंपनी अडानी की है और पीएमओ से यह कंपनी चल रही हैं. बीते दिन एक नोटिस निकालकर अचानक दोनों प्लांट को शटडाउन कर दिया गया. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है.
उन्होंने कहा कि एसीसी कंपनी के साथ पंद्रह से बीस हजार परिवार सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, जबकि अप्रत्यक्ष तौर पर बरमाणा से गरामोड़ा और नम्होल तक हजारों परिवारों की रोजी चली है. इस तरह के कदम से बिलासपुर जिले की इकोनोमी पर खासा प्रभाव पड़ेगा और लोगों के समक्ष रोजी का संकट खड़ा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि कंपनी ने दादागिरी दिखाते हुए प्लांट तो बंद कर दिया और ऊपर से पुलिस का सख्त पहरा भी बैठा दिया है. लेकिन लोग अपने हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे और बड़ी से बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ेगी तो लड़ी जाएगी. इस संकट की घड़ी में कांग्रेस पार्टी जनता के साथ खड़ी है.
कंपनी के इस कदम से होने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सरकार से गुजारिश की है कि इस संदर्भ में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए क्योंकि हजारों लोगों के हित कंपनी के साथ जुड़े हैं. हालांकि के जो भी मसले हैं उन्हें मिल बैठकर ट्रक ऑपरेटरों के साथ सुलझाया जा सकता है, लेकिन कंपनी के गेट पर अचानक ताला लगाना और कर्मचारियों को ड्यूटी पर न आने के लिए नोटिस निकालना सही नहीं है.
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