सोलन: शनिवार से प्रदेश के ऊपरी भागों में लगातार बर्फबारी का दौर जारी है. जिला सोलन के करोल पर्वत और पर्यटन नगरी चायल में करीब सवा फिट से ज्यादा बर्फबारी दर्ज की (snowfall in Chail) गई है. बर्फबारी होने के कारण तापमान में भी गिरावट (snowfall in karol mountain) आई है.
बर्फबारी होने से जहां किसान-बागवानों के चेहरे खिल चुके हैं, वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन भी पूरी तरह से ठप हो चुका (Road closed due snowfall in solan) है. बर्फबारी के कारण बिजली की समस्या भी लोगों को सता रही है. चायल से शिमला कुफरी मार्ग भी वाहनों के लिए पूर्ण रुप से बंद हो चुका है. जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कंडाघाट से चायल वाया साधुपुल मार्ग महोग बाग से आगे वाहनों के लिए बंद है.
रबी फसलों के लिए फायदेमंद होगी बर्फबारी: किसानों की मानें तो यह बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी. अब बागवान भी प्लम, खुमानी, सेब, आडू सहित अन्य पौधों की रोपाई का कार्य कर सकते हैं. बारिश और बर्फबारी से जिला सोलन में ठंड बढ़ गई है. सूखे के चलते किसानों की 40 फीसदी फसल चौपट हो गई है. मटर, गेहूं, धनिया, मेथी, लहसुन सहित अन्य रबी की फसलों के लिए बारिश और बर्फबारी फायदेमंद साबित होगी.
होटलियर के खिले चेहरे: वहीं, एक ओर जहां कोरोना वायरस के चलते होटल व्यवसाय पर गहरा असर पड़ा है. वहीं, अब बर्फबारी होने से होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि अब पर्यटकों की आमद बढ़ने वाली है. चायल होटल एसोसिएशन के प्रधान देवेंद्र वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष कोरोना के कारण होटल व्यवसाय काफी समय बंद रहा, हालांकि इस वर्ष भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बंदिशें लगाई है. ऐसे में अब बर्फबारी होने से होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरे खिल चुके हैं.
तापमान में गिरावट: इन दिनों ठंड के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त (problems during snowfall in solan) है. लोग सामान्य दिनचर्या का काम नहीं कर पा रहे हैं और घरों में दुबकने को मजबूर हैं. ठंड से बचने के लिए सभी को आग, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है. चायल सहित उपमंडल के कई क्षेत्रों में बारिश, हवाओं और ठंड के बीच बार-बार बिजली जाने और घंटों बंद रहने से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है. बर्फबारी से पहले ही क्षेत्र में बिजली व्यवस्था कमजोर हो गई है. बर्फ के बाद इसकी समस्या और बढ़ सकती है. हालांकि विद्युत विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हैं.
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