नाहन: प्रदेश सरकार गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने के लगातार दावे कर रही है, लेकिन कहीं न कहीं इन दावों की पोल अक्सर खुलती हुई नजर आ जाती है. सिरमौर जिले के दुर्गम इलाकों में आज भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लोगों को सड़क सुविधा न मिलने के चलते खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालात तो कई जगह ऐसे बन जाते हैं कि मरीजों को कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है.
किलोड-खेरी एससी बस्ती मार्ग बदहाल: इसी तरह का एक मामला जिले की ग्राम पंचायत क्लाथा बढ़ाना से भी (Bad condition of road in Badhana Panchayat) सामने आया है. यहां मुख्य मार्ग किलोड से खेरी एससी बस्ती को जाने वाला मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल पड़ा है. तस्वीरों में देख सकते हैं कि मार्ग जगह-जगह से बदहाल पड़ा है. बरसात के मौसम में पंगडंडियों पर ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों को पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ रहा है. ऐसे में बरसात के मौसम में चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है. हालात यह है कि क्षेत्र में यदि कोई बीमार हो जाए तो उसे कंधों पर उठाकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है.
ग्रामीणों की नहीं हो रही कोई सुनवाई: ग्रामीणों का आरोप है कि किलोड-खेरी एससी बस्ती मार्ग पिछले काफी लंबे अरसे से बदहाल होने के साथ-साथ बंद पड़ा है. पिछले करीब 5 महीनों से समस्या अधिक बढ़ी है. बार-बार गुहार लगाए जाने के बावजूद भी ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है. ऐसे में ग्रामीणों ने एक बार फिर डीसी सिरमौर को एक शिकायत पत्र सौंप कर सरकार से भी जल्द समस्या के समाधान की गुहार लगाई है.
डीसी से की समस्या के समाधान की मांग: उधर ग्राम पंचायत क्लाथा बढ़ाना के उपप्रधान अजय कुमार ने बताया कि किलोड से खेरी एससी बस्ती को जाने वाले मार्ग की हालत बदहाल है. हालात यह है कि पिछले 5 महीनों से सड़क बंद पड़ी है. कई बार संबंधित विभाग समेत जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर समस्या से अवगत करवाया गया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है. उन्होंने बताया कि मार्ग की खस्ताहालत होने के चलते लोग पैदल चलने को मजबूर हैं. उन्होंने जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है.
डीसी सिरमौर ने पीडब्ल्यूडी विभाग को जारी किए आदेश: वहीं, स्थानीय निवासी बलबीर सिंह ने बताया कि पिछले कई महीनों से मार्ग की खस्ताहालत है. जगह-जगह मार्ग बदहाल है. स्कूली बच्चों को गोद में उठाकर मुख्य मार्ग तक (Bad condition of road in Sirmaur) पहुंचाना पड़ रहा है. लोग कई किलोमीटर पैदल सफर तय करने को मजबूर हैं. सबसे ज्यादा समस्या तो यह है कि यदि कोई बीमार हो जाए, तो उसको कंधों पर उठाकर मार्ग तक ले जाना पड़ता है. उधर इस मामले में डीसी सिरमौर राम कुमार गौतम ने इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग को उचित कार्रवाई कर ग्रामीणों की समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश जारी किए.
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