बिलासपुरः जिला के लुहणू मैदान में हिमाचल पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन की ओर से बिलासपुर इकाई ने 15 दिनों के प्रारंभिक प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की गई है. वहीं, बिलासपुर सदर से विधायक सुभाष ठाकुर ने इस प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत करते हुए जिले के 10 प्रशिक्षुओं को अपनी शुभकामनाएं दी हैं.
गौरतलब है कि इन प्रशिक्षुओं को इंग्लैंड के ब्रिटिश एंड लैंडिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सिलेबस के आधार पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मुख्यरूप से पहले 5 दिन ग्राउंड ट्रेनिंग व स्मॉल हॉप्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
इसके बाद 200 फिट तक छोटी फ्लाइट्स करवाने के बाद उन्हें क्लब पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा. पैराग्लाइडिंग फ्लाइट्स की बेसिक जानकारी मिलने के बाद इन प्रशिक्षुओं को माउंटेनिरिंग इंस्टीट्यूट मनाली व बीड बिलिंग में भी प्रशिक्षण के लिए ले जाया जाएगा, ताकि पैराग्लाइडिंग से संबंधित सभी बारीकियां इन्हें सीखने को मिलें.
पैराग्लाइडिंग के लिए मौसम अनुकूल
इस बात की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके पैराग्लाइडिंग इंस्ट्रक्टर विशाल जसल ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि बिलासपुर का मौसम पैराग्लाइडिंग के लिए अनुकूल रहेगा. नए प्रशिक्षुओं को इस एडवेंचर स्पोर्टस में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.
पर्यटन व रोजगार को बढ़ावा
वहीं, बिलासपुर सदर से विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा कि पर्यटन व रोजगार को बढ़ावा देने के नजरिये से पैराग्लाइडिंग एक बेहतरीन अवसर है जिसमें युवा आगे आकर ना केवल एडवेंचर स्पोर्ट्स का लुत्फ ले सकते हैं, बल्कि रोजगार भी हासिल कर सकते हैं.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे देश में केवल बिलासपुर ही एकमात्र ऐसी जगह है. जहां बंदला की ऊंची धार, गोविंद सागर झील व लुहणू मैदान की सुविधा के चलते एक्रोवेटिंग पैराग्लाइडिंग की जा सकती है, जबकि बीडबिलिंग में यह संभव नहीं है और वहां क्रॉसकंट्री पैराग्लाइडिंग ही होती है.
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