रोहतक/सोनीपत: रोहतक में ई टेंडरिंग का विरोध कर रहे सरपंचों और पुलिस में बुधवार को बीडीपीओ ऑफिस के बाहर झड़प हो गई. इस दौरान सरपंच एसोसिएशन का ब्लॉक प्रधान घायल हो गया. दरअसल सरपंच बीडीपीओ ऑफिस को ताला लगाने पर अड़े हुए थे. जबकि पुलिस उन्हें रोक रही थी. करीब 10 मिनट तक हंगामा चलता रहा. इस बीच जोरदार हंगामा होता रहा लेकिन पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच सहमति नहीं बन पाई.
दरअसल, प्रदेश भर में सरपंच ई टेडरिंग का विरोध कर रहे हैं. जिसके चलते रोहतक में भी बीडीपीओ कार्यालय के बाहर रोष प्रकट किया जा रहा है. 2 दिन पहले सरपंचों ने बीडीपीओ ऑफिस पर ताला जड़ दिया था. बाद में पुलिस ने ताला खुलवाया. आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को भी सरपंचों और पुलिस के बीच जोरदार झड़प हुई थी. बुधवार को सरपंच अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बीडीपीओ ऑफिस पहुंचे.
इस दौरान वहां नायब तहसीलदार बंसीलाल की अगुवाई में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था. लेकिन इसके बावजूद सरपंच ऑफिस को ताला लगाने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा. इसी बात पर झड़प हो गई. इस झड़प में सरपंच एसोसिएशन के ब्लॉक प्रधान अजय घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
उधर, सरपंचों ने विरोध के बावजूद बीडीपीओ ऑफिस को ताला लगा दिया. सरपंचों का कहना है कि उन्हें गांव के विकास के लिए पूर्ण अधिकार दिए जाएं. जबकि मौजूदा गठबंधन सरकार ठेका प्रथा को बढ़ावा दे रही है. हरियाणा में पहले ही पंचायत चुनाव 2 साल की देरी से हुए और अभी तक किसी भी गांव में विकास कार्य सुचारू रूप से शुरू नहीं हुए हैं.
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सरपंच एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विकास हुड्डा ने कहा कि जब तक सरकार ई-टेंडरिंग प्रणाली को वापस नहीं लेती तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. उधर, आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद भी सरपंचों के धरने को समर्थन देने के लिए पहुंचे. उन्होंने सरपंचों की मांगों को जायज बताया. उन्होंने कहा कि यह सरकार सरपंचों के अधिकारों को कम करना चाहती. जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
सोनीपत के सरपंचों ने मुख्यमंत्री के नाम लिखा खून से पत्र: हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी गठबंधन सरकार अबकी बार पंचायती विभाग में ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल व्यवस्था को लेकर आई है जिसका विरोध हरियाणा के हर ग्राम पंचायत में हो रहा है. इसी कड़ी में आज सोनीपत के सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय में इन दोनों व्यवस्थाओं के खिलाफ ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखा और सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने व्यवस्था को वापस नहीं लिया तो आगामी चुनाव में सरकार और उसकी सहयोगी पार्टी का बहिष्कार किया जाएगा.
हरियाणा में ईटेंडरिंग व्यवस्था और राइट टू रिकॉल दोनों व्यवस्थाओं के विरोध में सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अपने खून से पत्र लिखा है. पत्र में व्यवस्था को वापस लेने की मांग की है, जनप्रतिनिधि स्पष्ट कर दिया कि अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो वह सरकार के खिलाफ और भी कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो जनप्रतिनिधियों का प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा.
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