पंचकूला: केंद्र सरकार ने देश भर के शहरों में साफ सफाई से संबंधित स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणामों की घोषणा की है. इसमें हरियाणा के करनाल जिला ने टॉप 20 स्वच्छ शहरों में जगह बनाई है. तो वहीं स्वच्छता रैंकिंग में लगातार पंचकूला ने भी सुधार करते हुए इस बार 56वां स्थान हासिल किया है. स्वच्छ सर्वेक्षण में पंचकूला के बेहतर प्रदर्शन करने पर जहां बीजेपी ने अपनी पीठ थपथपाई है. तो वहीं विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने इसे हाथी का दांत बताया.
पीएम के आह्वान से सुधरे हालात- प्रवीण अत्रे
आपको बता दें कि साल 2018 में पंचकूला का स्थान 142 था. जिसके बाद 2019 में सुधार करते हुए पंचकूला 71 वें स्थान पर पहुंचा था. वहीं इस बार 2020 में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए पंचकूला ने 56 वा स्थान हासिल किया है. पंचकूला के इस प्रदर्शन पर हरियाणा बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण अत्रे ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर स्वच्छता एक मिशन को जनसाधारण के साथ-साथ प्रशासन ने अपनाया, उसी का नतीजा पूरे देश में देखने को मिला है.
अत्रे ने कहा कि पंचकूला ने भी लगातार रैंकिंग के मामले में सुधार किया है.उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सरकार ने स्वच्छता के मामले में काम किया है और जन साधारण ने भागेदारी की है उसकी का नतीजा है कि पंचकूला की रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है.
सरकार ने इसे पेरिस बनाने के सपने दिखाए थे- रंजीता मेहता
वहीं स्वच्छ सर्वेक्षण में पंचकूला की रैंकिंग में सुधार किए जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता रंजीता मेहता ने चुटकी ली. रंजीता मेहता ने कहा कि हाथी के दांत खाने के और है और दिखाने को और हैं. उन्होंने कहा कि पंचकूला को पेरिस बनाने के सपने सरकार ने दिखाए थे और आज भी पंचकूला को पेरिस बनाए जाने का इंतजार लोग कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अगर वाकई पंचकूला में सुधार होता तो वह प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता. उन्होंने कहा कि पंचकूला में जरूर सुधार हुआ है, जिसका उदाहरण उन्होंने डंपिंग ग्राउंड का दिया और कहा कि डंपिंग ग्राउंड की ऊंचाई पहले से दो गुनी हो गई है और डंपिंग ग्राउंड की बदबू से आसपास के लोग परेशान हैं.
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