रोहतक: जेल में बंद भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजू मकड़ौली के समर्थन में गुरूवार को मकड़ौली कलां रोहतक टोल टैक्स (Makrauli Kalan Rohtak Toll Tax) के पास महापंचायत हुई. इस महापंचायत में आस-पास के गांवों के ग्रामीणों ने शिरकत की. वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी (Gurnam Singh Charuni ) भी महापंचायत में पहुंचे. इस दौरान पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गई. इस महापंचायत में मकड़ौली पर लगे अवैध वसूली के आरोपों का खंडन किया गया और सरकार को 8 जुलाई तक अल्टीमेटम दिया गया. चढूनी ने कहा कि अगर 8 जुलाई तक समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चिकाल के लिए मकड़ौली के नजदीक रेलवे ट्रैक जाम कर दिया जाएगा.
क्या है मामला- बता दें कि राजू मकड़ौली को बीते 25 जून को टोल प्लाजा कर्मी से मारपीट व फायरिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था. 3 दिन के पुलिस रिमांड के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. दरअसल 24 जून की रात को मकड़ौली टोल प्लाजा पर फायरिंग हुई थी. फायरिंग की इस घटना के बाद बलम गांव के रहने वाले अभिषेक ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह पाथ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Path India Private Limited Company) मे मकड़ौली कलां रोहतक टोल टैक्स पर सीनियर टीसी के पद पर कार्य करता है. 24 जून की रात राजू मकडौली टोल प्लाजा पर पहुंचा और गाली-गलौच करते हुए बहस करनी शुरु कर दी. राजू मकड़ौली ने कहा कि वीआईपी गाड़ियों को लेन नंबर पाच से किसलिए निकाल रहे हो. अभिषेक ने राजू मकड़ौली से कहा कि वह उनका काम है. इसी बात को लेकर राजू मकड़ौली ने अभिषेक के साथ गाली-गलौच करनी शुरु कर दी.
अभिषेक ने गालियों का विरोध किया तो राजू मकडौली ने अपनी गाड़ी से पिस्तौल निकालते हुए जान से मारने की नीयत से अभिषेक की तरफ सीधी गोली चला दी. गोली अभिषेक के दाहिने कान के बगल से गुजर गई. इसके बाद राजू मकडौली ने फोन कर अपने अन्य साथी दीपक, अजय, सोमबीर और सतेन्द्र को अपने पास बुला लिया. राजू और उसके साथियो ने अभिषेक के साथ मारपीट करनी शुरु कर दी.
अभिषेक को बचाने आए कंपनी के अन्य कर्मचारियो के साथ भी मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए. पुलिस ने इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 307, 506, 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. इसी दौरान टोल प्लाजा कर्मचारियों ने राजू मकड़ौली पर अवैध वसूली के भी आरोप लगाए थे. इसी मुद्दे पर वीरवार को मकड़ौली टोल प्लाजा के नजदीक ही महापंचायत बुलाई गई.
महापंचायत में राजू मकड़ौली पर लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से नकार दिया गया. इस महापंचायत में टोल प्लाजा के कर्मचारियों को भी बुलाया गया था लेकिन वे नहीं पहुंचे. महापंचायत के दौरान गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि राजू मकड़ौली पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं. उन्होंने सरकार से राजू मकड़ौली पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की साथ ही कहा कि वे खुद सरकार से बातचीत करने के लिए नहीं जाएंगे. अगर सरकार बुलाएगी तो प्रतिनिधिमंडल जाएगा. चढूनी ने चेतावनी दी कि अगर 8 जुलाई तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ तो उसी दिन से मकड़ौली के नजदीक रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया जाएगा. उन्होंने अपील की कि शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन किया जाएगा. इसलिए जोश के साथ होश रखना भी जरूरी है.