करनाल: जिले के सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि वीरवार को जिला नागरिक अस्पताल में गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा द्वारा एआरटी सेंटर का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी पीयूष शर्मा, उप सिविल सर्जन डॉ. सिम्मी कपूर, मेडिकल ऑफिसर तथा अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे. एआरटी सेंटर के उद्घाटन में आने वाले सभी अधिकारियों का स्वागत किया गया तथा एचआईवी टोल फ्री नम्बर 1097 को रंगोली के माध्यम से प्रमोट किया गया.
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सिविल सर्जन ने बताया कि एआरटी सेंटर के खुलने से एचआईवी पॉजिटिव मरीजों को बहुत सी सुविधाओं का लाभी एक ही स्थान पर मिलेगा. अब भविष्य में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों को एआरटी सेंटर रोहतक में रेफर न करके जिला नागरिक अस्पताल को दूसरी मंजिल पर बने एआरटी सेंटर पर रजिस्टर किया जाएगा.
एआरटी सेंटर में मरीजों को फ्री काउंसलिंग, टेस्टिंग व ईलाज की सुविधाएं दी जाएंगी. इससे मरीजों का धन, समय व अन्य प्रकार की भाग दौड़ कम हो जाएगी. उन्होंने बताया कि अब तक जिला में 1178 एचआईवी पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं तथा इनमें से 525 मरीजों का ईलाज आईसीटीसी सेंटर जिला करनाल में चल रहा है.
इस अवसर पर उप सिविल सर्जन ने कहा कि एचआईवी मरीजों से भेदभाव नहीं करना चाहिए. यह रोग छूने से नहीं फैलता व ऐसे मरीजों को प्यार की आवश्यकता होती है. एआरटी सेंटर में मेडिकल ऑफिसर, काउंसलर, एलटी व स्टाफ नर्स की नियुक्ति की जा चुकी है जो सेंटर में आने वाले मरीजों का आवश्यक सुविधाएं देंगे. इससे पहले मरीजों को सेंटर में मिलने वाली सुविधाओं के लिए एआरटी सेंटर पीजीआई रोहतक जाना पड़ता था परंतु अब सभी सुविधाएं करनाल सेंटर में ही प्राप्त हो सकेंगी. इस सेंटर के खुलने से मरीजों को शीघ्र व सुलभता से उपचार प्राप्त हो सकेगा.