जींद: गन्ना किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन लगातार संघर्ष कर रही है. शनिवार को जींद में भारतीय किसान यूनियन की प्रदेश स्तरीय बैठक शुगर मील के सामने हुई. इस बैठक में पूरे प्रदेश भर से किसान यूनियन के नेता पहुंचे. बैठक की अध्यक्षता किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन सिंह मान ने की और इसमें गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर बेमियादी धरना देने का फैसला यूनियन द्वारा लिया गया.
'सरकार गंभीर नहीं'
बीकेयू के प्रदेश अध्यक्ष रतन सिंह मान ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर हम पिछले 1 महीने से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रही. इसलिए आज जींद में राज्य स्तरीय बैठक कर सरकार के खिलाफ 1 फरवरी से राज्य की हर शुगर मील पर अनिश्चितकालीन धरना देने का फैसला लिया गया है. सरकार को हमारी चेतावनी है कि "या तो गन्ने के दामों में बढ़ोतरी करो नहीं तो सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा"
गन्ने का दाम बढ़ाने की मांग
गौरतलब है कि किसानों की सरकार से मांग है कि गन्ने के रेट पर क्विंटल 340 से बढ़ाकर 400 रुपये किया जाए, भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतन सिंह मान ने कहा कि पिछले 6 साल के दौरान गन्ना के दामों में मात्र 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है जबकि उपज लागत और मजदूरी खर्च में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है
बता दें कि हरियाणा में कुरुक्षेत्र, कैथल ,जींद ,शाहाबाद ,करनाल, यमुनानगर आदि ऐसे जिले हैं जहां अन्य जिलों के मुकाबले गन्ने की अधिक पैदावार होती है. सूत्रों की मानें तो राज्य की 10 सहकारी शुगर मीलों पर अब राज्य के गन्ना किसानों की बकाया राशि करोड़ों में है, बकाया भुगतान भी पाने के लिए गन्ना किसान इधर से उधर भटकने को मजबूर हैं जिस कारण उनमें सरकार के विरुद्ध नाराजगी है.
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