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कोरोना का अनुमान निकला गलत, जून के मुकाबले आज स्थिति बेहतर- CM केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेस कर बताया कि अनुमान के मुताबिक दिल्ली में आज कम केस हैं. उन्होंने कहा कि यह सबके साथ से ही संभव हो पाया हैं. साथ ही उन्होंने 3 सिद्धांतों के जरिए समझाया की कैसे उन्होंने पिछले डेढ़ महीने काम किया.

kejriwal said that covid cases is half then expected due to collective efforts
केजरीवाल ने कहा कि जून के मुकाबले स्थिति है बेहतर
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Published : Jul 15, 2020, 1:16 PM IST

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जून महीने में जो अनुमान लगाया गया था, वह अनुमान गलत साबित हुआ. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि तब बताया गया था कि 15 जुलाई तक यानी आज तक सवा दो लाख मामले कोरोना के होंगे. इस हिसाब से इस समय 1,34,000 एक्टिव मामले होने चाहिए थे. लेकिन आज 18,600 कोरोना के सक्रिय मामले हैं.

केजरीवाल ने कहा कि जून के मुकाबले स्थिति है बेहतर




अनुमान के मुताबिक स्थिति बेहतर

केजरीवाल ने कहा कि तब लगाए गए अनुमान के मुताबिक आज दिल्ली में 34000 मरीजों के लिए बेड चाहिए था. आज 4000 बेड पर मरीज हैं. दिल्ली सरकार ने 15000 से अधिक बेडों का इंतजाम कर लिया है. यानि जो अनुमान लगाए गए थे वह गलत साबित हुआ और आज स्थिति काफी बेहतर है.

3 सिद्धांतों पर किया काम

मगर केजरीवाल ने यह कहा कि कोरोना कभी भी बढ़ सकता है. इसलिए हमें तैयारी जारी रखनी है. उन्होंने दिल्ली में आज जो हालात हैं इसके लिए सब का शुक्रिया अदा किया. मुख्यमंत्री ने इसके पीछे जो काम किए गए, उसके बारे में कहा कि पिछले डेढ़ महीने में हमने 3 सिद्धांतों पर काम किया.

1. कोरोना से अकेले नहीं जीत सकते- इसीलिए हमें सब का साथ मांगा. केंद्र सरकार का साथ, होटल वालों, बैंक्वेट हॉल वालों, धार्मिक संस्थानों सबका साथ.

2. जब स्थिति खराब थी तब हमारी आलोचना होती थी- मीडिया हमारी कमी निकालता था. तब हम गुस्सा नहीं हुए. हमने सुधार किया. दिल्ली सरकार के एलएनजेपी अस्पताल की कमियां निकाली जा रही थी. हमने एक-एक कमी को ठीक किया. आज अस्पताल की स्थिति बेहतर हुई.

3. सिद्धांत था कि हमने हार नहीं मानी- कैसी भी स्थिति रही हमें हार नहीं मानी और हम लगे रहे.

टीम वर्क है दिल्ली मॉडल

प्रधानमंत्री ने दिल्ली मॉडल की तारीफ की. दिल्ली मॉडल की बुनियाद है मिलकर काम करना यानी टीमवर्क. हमने होम आइसोलेशन शुरू किया. जिसके बारे में पहले गलत अवधारणा थी. उसकी वजह से लोग टेस्ट कराने अधिक आए. इससे संक्रमण को रोकने में इससे काफी मदद मिली. अब हमें कोरोना से होने वाली मौत को कम करना है. एंबुलेंस की कमी थी जिसकी वजह से भी मौतें होती थी. आज यह कमी खत्म हो गई है. अस्पतालों में जो औपचारिकताएं मरीज को भर्ती करने से पहले पूरी करनी होती थी, उसे सरल बना दिया गया है. हम कह सकते हैं कि उनके मुकाबले आज हम बेहतर स्थिति में हैं. मगर अभी रास्ता बहुत लंबा है. कभी भी कोरोना फिर से बढ़ सकता है. हमें बिल्कुल भी हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठना. हमें मास्क पहनकर घूमना है. सामाजिक दूरी बनाए रखनी है.

बता दें कि दिल्ली में आज कोरोना के कुल 1,34,000 मामले सामने हैं. जिनमें से सक्रिय मामलों की संख्या 20000 से भी कम है.

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जून महीने में जो अनुमान लगाया गया था, वह अनुमान गलत साबित हुआ. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि तब बताया गया था कि 15 जुलाई तक यानी आज तक सवा दो लाख मामले कोरोना के होंगे. इस हिसाब से इस समय 1,34,000 एक्टिव मामले होने चाहिए थे. लेकिन आज 18,600 कोरोना के सक्रिय मामले हैं.

केजरीवाल ने कहा कि जून के मुकाबले स्थिति है बेहतर




अनुमान के मुताबिक स्थिति बेहतर

केजरीवाल ने कहा कि तब लगाए गए अनुमान के मुताबिक आज दिल्ली में 34000 मरीजों के लिए बेड चाहिए था. आज 4000 बेड पर मरीज हैं. दिल्ली सरकार ने 15000 से अधिक बेडों का इंतजाम कर लिया है. यानि जो अनुमान लगाए गए थे वह गलत साबित हुआ और आज स्थिति काफी बेहतर है.

3 सिद्धांतों पर किया काम

मगर केजरीवाल ने यह कहा कि कोरोना कभी भी बढ़ सकता है. इसलिए हमें तैयारी जारी रखनी है. उन्होंने दिल्ली में आज जो हालात हैं इसके लिए सब का शुक्रिया अदा किया. मुख्यमंत्री ने इसके पीछे जो काम किए गए, उसके बारे में कहा कि पिछले डेढ़ महीने में हमने 3 सिद्धांतों पर काम किया.

1. कोरोना से अकेले नहीं जीत सकते- इसीलिए हमें सब का साथ मांगा. केंद्र सरकार का साथ, होटल वालों, बैंक्वेट हॉल वालों, धार्मिक संस्थानों सबका साथ.

2. जब स्थिति खराब थी तब हमारी आलोचना होती थी- मीडिया हमारी कमी निकालता था. तब हम गुस्सा नहीं हुए. हमने सुधार किया. दिल्ली सरकार के एलएनजेपी अस्पताल की कमियां निकाली जा रही थी. हमने एक-एक कमी को ठीक किया. आज अस्पताल की स्थिति बेहतर हुई.

3. सिद्धांत था कि हमने हार नहीं मानी- कैसी भी स्थिति रही हमें हार नहीं मानी और हम लगे रहे.

टीम वर्क है दिल्ली मॉडल

प्रधानमंत्री ने दिल्ली मॉडल की तारीफ की. दिल्ली मॉडल की बुनियाद है मिलकर काम करना यानी टीमवर्क. हमने होम आइसोलेशन शुरू किया. जिसके बारे में पहले गलत अवधारणा थी. उसकी वजह से लोग टेस्ट कराने अधिक आए. इससे संक्रमण को रोकने में इससे काफी मदद मिली. अब हमें कोरोना से होने वाली मौत को कम करना है. एंबुलेंस की कमी थी जिसकी वजह से भी मौतें होती थी. आज यह कमी खत्म हो गई है. अस्पतालों में जो औपचारिकताएं मरीज को भर्ती करने से पहले पूरी करनी होती थी, उसे सरल बना दिया गया है. हम कह सकते हैं कि उनके मुकाबले आज हम बेहतर स्थिति में हैं. मगर अभी रास्ता बहुत लंबा है. कभी भी कोरोना फिर से बढ़ सकता है. हमें बिल्कुल भी हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठना. हमें मास्क पहनकर घूमना है. सामाजिक दूरी बनाए रखनी है.

बता दें कि दिल्ली में आज कोरोना के कुल 1,34,000 मामले सामने हैं. जिनमें से सक्रिय मामलों की संख्या 20000 से भी कम है.

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