नई दिल्ली: दिल्ली में डीयू के छात्र की कैंपस के अंदर चाकू से गोदकर हत्या के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा और एलजी पर निशाना साधा है. आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा है कि हम सबने निखिल चौहान के पिता को रोते बिलखते हुए देखा. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली में यह बार बार क्यों हो रहा है कि कभी कंझावला जैसा मामला सामने आता है तो कभी कॉलेज में घुसकर किसी छात्र को चाकू मारा जाता है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली के लॉ एंड ऑर्डर के तहत क्या सुरक्षित है? न स्कूल, न कॉलेज, न अस्पताल, यहां तक की कोर्ट भी सुरक्षित नहीं है. अपराधियों को कानून का डर ही नहीं है. एलजी यह नहीं बता रहे हैं कि उन्होंने दिल्ली में कितनी पीसीआर वैन बढ़ाई और कितने थानों में गए. इसके अलावा उन्होंने कितनी बार पुलिस कमिश्नर को समन भेजकर जानकारी मांगी.
सीएम को देना पड़ा धरना: आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि हमें सीसीटीवी लगाने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा. खुद मुख्यमंत्री केजरीवाल को एलजी के घर के बाहर धरना पर बैठना पड़ा. भाजपा वालों को पैनिक बटन से परेशानी हो गई है. पैनिक बटन को जब आप प्रेस करेंगे तो तुरंत आपको सहायता मिलेगी. भाजपा चाहती है कि दिल्ली में अपराध बढ़े. वहीं केंद्र में एक ऐसी सरकार है जो लगातार अपराधियों का मनोबल बढ़ाती है. पुलिस से भागने वाले अपराधी कुछ महीनों बाद बीजेपी के मंचों पर दिखाई देते हैं, इसलिए एलजी जवाब नहीं देते.
संजीव झा ने रेलवे को लेकर बोला हमलाः वहीं, AAP विधायक संजीव झा ने पीएम मोदी को रेलवे की व्यवस्था को लेकर तंज कसा. केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री सिर्फ प्रचार करने में व्यस्त हैं, जबकि रेलवे की हालत बदतर हो गई है. प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को प्रचार छोड़कर रेलवे की कमियों को दूर करके उसकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए.
उन्होंने मानवीय चूक के चलते हो रहे ट्रेन हादसे पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार पहले हुए रेल हादसों से सबक लेती तो ओडिशा के बालासोर में इस सदी की सबसे भीषण ट्रेन दुर्घटना न होती. देश में 70 फीसदी ट्रेन हादसे पटरी के सही रख-रखाव न होने की वजह से हुए हैं. इसके बाद भी 2017-18 की तुलना में 2022-23 में 50 फीसद कर्मचारी ही रह गए हैं. जो प्रधानमंत्री ठीक से ट्रेन नहीं चला सकता, वो देश क्या चलाएगा. इसलिए अब देश को योग्य और समस्याओं का समाधान देने वाले लोगों की जरूरत है.
प्रचार तंत्र में विश्वास रखती है प्रधानमंत्री की टीम: संजीव झा ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी पूरी टीम केवल प्रचार तंत्र में विश्वास रखती है. रेल मंत्री ने संसद में कहा था कि आत्मनिर्भर भारत की ओर एक कदम और बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने अपने देश के इंजीनियरों के साथ मिलकर रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कवच तकनीक बनाई है. बाद में पता चला कि यह तकनीक तो पहले से ही देश में मौजूद थी. केवल उसका नाम बदल कर कवच रख दिया गया था.
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सिस्टम दुरुस्त करना जरूरी: उन्होंने बताया कि देश में करीब 70 हजार किलोमीटर का ट्रेन नेटवर्क है, जिसे जोड़ने में सरकार को करीब एक लाख करोड़ रुपए का खर्च उठाना है. लेकिन रेलवे के बजट में लगातार कटौती की जा रही है. ट्रेन हादसे को रोकने के लिए एंटी कॉलिजन सिस्टम और एंटी डिरेलमेंट सिस्टम को तत्काल दुरूस्त करने की जरूरत है. लेकिन यह बात प्रधानमंत्री और उनकी टीम 9 साल में भी नहीं समझ पाई.