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'सुपर ओवर में डिफॉल्ट मोड में चला गया था'

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Published : Jul 16, 2019, 11:42 PM IST

इग्लैंड के विकेटकीपर जोस बटलर ने कहा, 'गेंद को पकड़ना और स्टम्प पर मारना, मैं यही जानता हूं, लेकिन इस बार इसका परिणाम बहुत बड़ा था.'

Jos Buttler

लंदन: वर्ल्ड कप का फाइनल सुपर ओवर की आखिरी गेंद तक खिंचा. इस तनाव वाली घड़ी में इग्लैंड के विकेटकीपर जोस बटलर सबसे शांत थे. 14 जुलाई को हुए फाइनल मैच में बटलर ने बेन स्टोक्स के साथ बेहतरीन साझेदारी कर अर्धशतक जमाया और इंग्लैंड को मैच में वापस लेकर आए.

इसके बाद बटलर सुपर ओवर में दोबारा बल्लेबाजी करने आए और तीन गेंदों पर सात रन बनाए. इसके कारण न्यूजीलैंड को 16 रनों का लक्ष्य मिला. आखिरी गेंद पर जब मैच टाई होने की कगार पर था तब इंग्लैंड के पास एक उम्मीद न्यूजीलैंड के बल्लेबाज को रन आउट करने की थी. किस्मत ने बटलर के लिए ये रोल बचा कर रखा था. मार्टिन गुप्टिल जब दूसरा रन लेने दौड़े तब जेसन रॉय ने विकेट से दूर थ्रो फेंकी, लेकिन बटलर ने शांत रहते हुए बिना घबराहट के गेंद को पकड़ा और डाइव मारते हुए स्टम्प बिखेर इंग्लैंड को पहली बार विश्व विजेता बनाया.

मार्टिन गुप्टिल
मार्टिन गुप्टिल

बटलर ने कहा, "हम ड्रेसिंग रूम में इस पर हंस रहे थे. चार साल सिर्फ एक गेंद पर आकर थम गई. एक गेंद पर दो रन चाहिए थे. हम नहीं बना पाए थे. इसके बाद बात इस पर आई की क्या हम रन आउट कर सकते हैं. ये बेहद अच्छा है कि इस सप्ताह हम जागेंगे और महसूस होगा कि हमने कर दिखाया है."

बटलर से जब पूछा गया कि इतने दबाव में वे किस तरह अपने आप को शांत और संयमत रख पाए. इसपर उन्होंने जवाब दिया कि जब आप मैदान के बीच में होते हो तो ये ठीक है क्योंकि तब आप डिफॉल्ट मोड में चले जाते हो. गेंद को पकड़ना और स्टम्प पर मारना, मैं यही जानता हूं, लेकिन इस बार इसका परिणाम बहुत बड़ा था.

वर्ल्ड कप का फाइनल मैच
वर्ल्ड कप का फाइनल मैच

उन्होंने ये भी कहा, 'मुझे याद है कि वो दस सेकेंड जब मैं दोड़ा, वो माहौल हमेशा मेरे जीवन में मेरे साथ रहेगा.'

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, "मैं नहीं समझता कि मैं कभी किसी और चीज के बारे में इतना सोचूंगा. मुझे नहीं लगता कि अब मेरे करियर में क्या होगा इसकी मुझे चिंता होगी."

आपको बता दें विश्व कप का माहौल अभी खत्म नहीं हुआ है और कुछ ही दिनों बाद इंग्लैंड को एशेज सीरीज में उतरना है.

लंदन: वर्ल्ड कप का फाइनल सुपर ओवर की आखिरी गेंद तक खिंचा. इस तनाव वाली घड़ी में इग्लैंड के विकेटकीपर जोस बटलर सबसे शांत थे. 14 जुलाई को हुए फाइनल मैच में बटलर ने बेन स्टोक्स के साथ बेहतरीन साझेदारी कर अर्धशतक जमाया और इंग्लैंड को मैच में वापस लेकर आए.

इसके बाद बटलर सुपर ओवर में दोबारा बल्लेबाजी करने आए और तीन गेंदों पर सात रन बनाए. इसके कारण न्यूजीलैंड को 16 रनों का लक्ष्य मिला. आखिरी गेंद पर जब मैच टाई होने की कगार पर था तब इंग्लैंड के पास एक उम्मीद न्यूजीलैंड के बल्लेबाज को रन आउट करने की थी. किस्मत ने बटलर के लिए ये रोल बचा कर रखा था. मार्टिन गुप्टिल जब दूसरा रन लेने दौड़े तब जेसन रॉय ने विकेट से दूर थ्रो फेंकी, लेकिन बटलर ने शांत रहते हुए बिना घबराहट के गेंद को पकड़ा और डाइव मारते हुए स्टम्प बिखेर इंग्लैंड को पहली बार विश्व विजेता बनाया.

मार्टिन गुप्टिल
मार्टिन गुप्टिल

बटलर ने कहा, "हम ड्रेसिंग रूम में इस पर हंस रहे थे. चार साल सिर्फ एक गेंद पर आकर थम गई. एक गेंद पर दो रन चाहिए थे. हम नहीं बना पाए थे. इसके बाद बात इस पर आई की क्या हम रन आउट कर सकते हैं. ये बेहद अच्छा है कि इस सप्ताह हम जागेंगे और महसूस होगा कि हमने कर दिखाया है."

बटलर से जब पूछा गया कि इतने दबाव में वे किस तरह अपने आप को शांत और संयमत रख पाए. इसपर उन्होंने जवाब दिया कि जब आप मैदान के बीच में होते हो तो ये ठीक है क्योंकि तब आप डिफॉल्ट मोड में चले जाते हो. गेंद को पकड़ना और स्टम्प पर मारना, मैं यही जानता हूं, लेकिन इस बार इसका परिणाम बहुत बड़ा था.

वर्ल्ड कप का फाइनल मैच
वर्ल्ड कप का फाइनल मैच

उन्होंने ये भी कहा, 'मुझे याद है कि वो दस सेकेंड जब मैं दोड़ा, वो माहौल हमेशा मेरे जीवन में मेरे साथ रहेगा.'

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, "मैं नहीं समझता कि मैं कभी किसी और चीज के बारे में इतना सोचूंगा. मुझे नहीं लगता कि अब मेरे करियर में क्या होगा इसकी मुझे चिंता होगी."

आपको बता दें विश्व कप का माहौल अभी खत्म नहीं हुआ है और कुछ ही दिनों बाद इंग्लैंड को एशेज सीरीज में उतरना है.

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लंदन: वर्ल्ड कप का फाइनल सुपर ओवर की आखिरी गेंद तक खिंचा. इस तनाव वाली घड़ी में इग्लैंड के विकेटकीपर जोस बटलर सबसे शांत थे. 14 जुलाई को हुए फाइनल मैच में बटलर ने बेन स्टोक्स के साथ बेहतरीन साझेदारी कर अर्धशतक जमाया और इंग्लैंड को मैच में वापस लेकर आए.



इसके बाद बटलर सुपर ओवर में दोबारा बल्लेबाजी करने आए और तीन गेंदों पर सात रन बनाए. इसके कारण न्यूजीलैंड को 16 रनों का लक्ष्य मिला. आखिरी गेंद पर जब मैच टाई होने की कगार पर था तब इंग्लैंड के पास एक उम्मीद न्यूजीलैंड के बल्लेबाज को रन आउट करने की थी. किस्मत ने बटलर के लिए ये रोल बचा कर रखा था. मार्टिन गुप्टिल जब दूसरा रन लेने दौड़े तब जेसन रॉय ने विकेट से दूर थ्रो फेंकी, लेकिन बटलर ने शांत रहते हुए बिना घबराहट के गेंद को पकड़ा और डाइव मारते हुए स्टम्प बिखेर इंग्लैंड को पहली बार विश्व विजेता बनाया.



बटलर ने कहा, "हम ड्रेसिंग रूम में इस पर हंस रहे थे. चार साल सिर्फ एक गेंद पर आकर थम गई."



उन्होंने कहा, "एक गेंद पर दो रन चाहिए थे. हम नहीं बना पाए थे. इसके बाद बात इस पर आई की क्या हम रन आउट कर सकते हैं. ये बेहद अच्छा है कि इस सप्ताह हम जागेंगे और महसूस होगा कि हमने कर दिखाया है."



बटलर से जब पूछा गया कि इतने दबाव में वे किस तरह अपने आप को शांत और संयमत रख पाए. इसपर उन्होंने जवाब दिया कि जब आप मैदान के बीच में होते हो तो ये ठीक है क्योंकि तब आप डिफॉल्ट मोड में चले जाते हो. गेंद को पकड़ना और स्टम्प पर मारना, मैं यही जानता हूं, लेकिन इस बार इसका परिणाम बहुत बड़ा था.



उन्होंने ये भी कहा, 'मुझे याद है कि वो दस सेकेंड जब मैं दोड़ा, वो माहौल हमेशा मेरे जीवन में मेरे साथ रहेगा.'



दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, "मैं नहीं समझता कि मैं कभी किसी और चीज के बारे में इतना सोचूंगा. मुझे नहीं लगता कि अब मेरे करियर में क्या होगा इसकी मुझे चिंता होगी."



आपको बता दें विश्व कप का माहौल अभी खत्म नहीं हुआ है और कुछ ही दिनों बाद इंग्लैंड को एशेज सीरीज में उतरना है.


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