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नोएडा में राष्ट्रीय पोषण महीने का आयोजन, कुपोषण दूर करना उद्देश्य - नोएडा में चिकित्सा शिविर

नोएडा के सेक्टर 25 में आयुष मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पोषण महीने के अंतर्गत बच्चों के लिए कार्यशाला और चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है. इस कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों से कूपोषण दूर करना है.

चिकित्सा शिविर
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Published : Sep 13, 2019, 3:39 PM IST

नई दिल्ली/नोएडा: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 25 में आयुष मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पोषण महीने के अंतर्गत बच्चों के लिए कार्यशाला और चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है. निजी संस्था चैलेंजर्स ग्रुप ने कार्यक्रम के आयोजन काम संभाला.

आयुष मंत्रालय की ओर से नोएडा में राष्ट्रीय पोषण महीने का आयोजन किया गया

आयुष मंत्रालय की ओर से होम्योपैथिक अधिकारी डॉक्टर ललित कार्यक्रम में पहुंचे. उन्होंने बताया कि बच्चों से कुपोषण को दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है.

National Nutrition Month organized in Noida
चिकित्सा शिविर में बच्चे को दवा पिलाते हुए डॉक्टर

'1-30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण महीना'
गौतमबुद्ध नगर के होम्योपैथिक अधिकारी डॉक्टर ललित ने बताया कि 1 सितंबर से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण महीना चल रहा है. इसी महीने के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गाया है. गौतमबुद्ध नगर में 12 चिकित्सालयों में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. कैम्प में बच्चों की समस्याओं को जाना-समझा जा रहा है. साथ ही पैरेंट्स को भी इसकी जानकारी दी जा रही है.

National Nutrition Month organized in Noida
चिकित्सा शिविर में आए बच्चे

'आदत पनपना बहुत गलत संकेत'
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को दूर करना है. उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में गुटखा खाने की आदत पनपना बहुत गलत संकेत है. होम्योपैथिक दवाओं की मदद से गुटखा छोड़ने में मदद मिलेगी. इस मौसम में दाद-खुजली, पेट में कीड़े और फंगस जैसी समस्याएं ज़्यादातर देखने में मिल रही हैं. कुछ बच्चों को चुना जाएगा और फिर उन्हें अस्पताल भी बुलाया जाएगा. ताकि बच्चों में पनप रही समस्या कोई बड़ी बीमारी की शक्ल ना ले.

नई दिल्ली/नोएडा: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 25 में आयुष मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पोषण महीने के अंतर्गत बच्चों के लिए कार्यशाला और चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है. निजी संस्था चैलेंजर्स ग्रुप ने कार्यक्रम के आयोजन काम संभाला.

आयुष मंत्रालय की ओर से नोएडा में राष्ट्रीय पोषण महीने का आयोजन किया गया

आयुष मंत्रालय की ओर से होम्योपैथिक अधिकारी डॉक्टर ललित कार्यक्रम में पहुंचे. उन्होंने बताया कि बच्चों से कुपोषण को दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है.

National Nutrition Month organized in Noida
चिकित्सा शिविर में बच्चे को दवा पिलाते हुए डॉक्टर

'1-30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण महीना'
गौतमबुद्ध नगर के होम्योपैथिक अधिकारी डॉक्टर ललित ने बताया कि 1 सितंबर से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण महीना चल रहा है. इसी महीने के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गाया है. गौतमबुद्ध नगर में 12 चिकित्सालयों में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. कैम्प में बच्चों की समस्याओं को जाना-समझा जा रहा है. साथ ही पैरेंट्स को भी इसकी जानकारी दी जा रही है.

National Nutrition Month organized in Noida
चिकित्सा शिविर में आए बच्चे

'आदत पनपना बहुत गलत संकेत'
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को दूर करना है. उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में गुटखा खाने की आदत पनपना बहुत गलत संकेत है. होम्योपैथिक दवाओं की मदद से गुटखा छोड़ने में मदद मिलेगी. इस मौसम में दाद-खुजली, पेट में कीड़े और फंगस जैसी समस्याएं ज़्यादातर देखने में मिल रही हैं. कुछ बच्चों को चुना जाएगा और फिर उन्हें अस्पताल भी बुलाया जाएगा. ताकि बच्चों में पनप रही समस्या कोई बड़ी बीमारी की शक्ल ना ले.

Intro:नोएडा सेक्टर 25 में आयुष मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय पोषण महीने के अंतर्गत बच्चों के लिए कार्यशाला और चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है। निजी संस्था चैलेंजर्स ग्रुप की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आयुष मंत्रालय की तरफ से पहुंचे होमियोपैथिक अधिकारी डॉक्टर ललित ने बताया कि कुपोषण से बच्चों को दूर करने के लोए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।


Body:गौतमबुद्ध नगर होमियोपैथिक अधिकारी डॉक्टर ललित ने बताया कि 1 सितंबर से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण महीने के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गायस है। गौतमबुद्ध नगर में 12 चिकित्सालय में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कैम्प में बच्चों की समस्याओं के बारे में जाना जा रहा है साथ ही पैरेंट्स को भी इसकी जानकारी दी जा रही है।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को दूर करना है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में गुटखा खाने की आदत पनपना बहुत गलत संकेत हैं। होमियोपैथिक दवाओं की मदद से गुटखा छोड़ने में मदद मिलेगी।


Conclusion:इस मौसम में दाद खुजली, पेट में कीड़े और फंगस जैसी समस्याएं ज़्यादातर देखने में मिल रही है। कुछ बच्चों को चिन्हित कर अस्पताल भी बुलाया जाएगा ताकि पनप रही समस्या कोई बड़ी बीमारी की शक्ल ना ले।
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