हैदराबाद : दुनियाभर में ई कॉमर्स का बाजार (e-commerce market) तेजी से बढ़ रहा है. अगर भारत की बात की जाए तो अनुमान के मुताबिक 2030 तक देश में ई-कॉमर्स का बाजार बढ़कर 40 बिलियन डॉलर का हो जाएगा. लेकिन आंकड़ों की बात की जाए तो ई-कॉमर्स बाजार पर चीन का दबदबा है. चीन सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार है.
स्टेटिस्टा डिजिटल मार्केट आउटलुक (Statista Digital Market Outlook) के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार चीन है.
2020 में चीन में ई-कॉमर्स की बिक्री 1.3 ट्रिलियन डॉलर थी और यह संख्या 2025 तक बढ़कर लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है. इसका मतलब यह होगा कि 4 साल में लगभग हर दूसरा ई-कॉमर्स डॉलर चीन में खर्च किया जा सकता है. दुनिया भर में ई-कॉमर्स के अगले पांच वर्षों में औसतन 47% बढ़ने की उम्मीद है.
वहीं, एशियाई बाजार के 51% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, यूरोप और उत्तरी अमेरिका (Europe and North America) में क्रमशः 42% और 35% की वृद्धि होगी.
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चीन जो राजस्व पैदा कर रहा है उसकी वजह से उसका एशियाई बाजार पर दबदबा है. फिर भी महाद्वीप के अन्य बाजार पहले के मुकाबले चीनी बाजार की तुलना में तेज दर से बढ़ रहे हैं. लेकिन फिर भी चीन की वृद्धि वैश्विक औसत से ऊपर बनी हुई है.
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