संयुक्त राष्ट्र: भारत ने संघर्षग्रस्त फिलिस्तीन में इजरायली बस्तियों को वापस लेने का आह्वान करने वाले संयुक्त राष्ट्र के मसौदा प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है. 145 से अधिक देशों ने संयुक्त राष्ट्र के मसौदा प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. जिसमें 'पूर्वी यरुशलम सहित अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र और कब्जे वाले सीरियाई गोलान में' विभिन्न प्रकार की बस्तियों की निंदा की गई थी.
बता दें कि अगले सप्ताह की शुरुआत में सुरक्षा परिषद में फिलिस्तीनी समर्थित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव मतदान के लिए रखा जा सकता है. इस प्रस्ताव में गाजा क्षेत्र में सभी इजरायली गतिविधियों पर तत्काल रोकने लगाने की मांग की जायेगी. इसके साथ ही यह प्रस्ताव बस्तियों और चौकियों पर कब्जा करने के इजरायली प्रयासों की निंदा करेगा. प्रस्ताव के माध्यम से इजरायली फैसलों को तत्काल उलटने का आह्वान करेगा.
वाशिंगटन में, विदेश विभाग ने कहा कि उसका मानना है कि मसौदा तैयार किया गया प्रस्ताव 'अनुपयोगी' है. हालांकि, विदेश विभाग ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या वह दस्तावेज को वीटो करेगा. परिषद के राजनयिकों ने निजी बातचीत में कहा कि अमेरिका इस प्रस्ताव को बदलने की मांग कर रहा है.
मसौदा प्रस्ताव पर वोट के लिए दबाव तब आया है जब इजराइल की नई दक्षिणपंथी सरकार ने वेस्ट बैंक में नई बस्तियां बनाने और उन भूमियों पर अपने अधिकार का विस्तार करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है. फिलिस्तिनी क्षेत्र में इजरायली बस्तियों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के मसौदा प्रस्ताव को गुरुवार, 9 नवंबर को मंजूरी दे दी गई थी.
मसौदा प्रस्ताव, जिसका शीर्षक था 'पूर्वी यरुशलम और कब्जे वाले सीरियाई गोलान सहित अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र में इजरायली बस्तियां', भारी बहुमत से पारित किया गया था. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि भारतीय गणराज्य ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. उन्होंने कहा कि इजरायल का फिलिस्तीन पर बसने वालों के माध्यम से कब्जा करना अवैध है. (एजेंसी इनपुट के साथ)