सहारनपुर: खनन माफिया एवं पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हाजी इकबाल की मुश्किलें आए दिन बढ़ती जा रही हैं. फरार चल रहे एक लाख के इनामी हाजी इकबाल पर पुलिस के साथ जिला प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है. इसके चलते खनन माफिया हाजी इक़बाल की 506 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति पर जिला प्रशासन का चाबुक चलने जा रहा है. जिला प्रशासन ने हाजी इक़बाल उर्फ बाल्ला द्वारा अवैध खनन कर अर्जित की गई 506 करोड़ की संपत्ति की कुर्की के लिए चिह्नित की है. लखनऊ, सहारनपुर और नोएडा में इन संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क की जाएगी. हाजी इकबाल को भगौड़ा पहले ही घोषित किया जा चुका है.
बता दें कि सहारनपुर के गांव मिर्जापुर पोल निवासी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला बसपा सरकार में एमएलसी रहा है. इतना ही नहीं अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद छोटे भाई महमूद अली को धन बल से एमएलसी बनवा दिया था. बसपा शासनकाल में हाजी इकबाल का रुतबा इस कदर था कि मायावती के मंत्री और संतरी उसके यहां हाजरी लगाने आते थे. लाल और नीली बत्तियों की लंबी कतार उनकी कोठी पर लगी रहती थी. सपा की अखिलेश सरकार में भी सचिवालय से लेकर मंत्रालयों तक हाजी इकबाल की पहुंच थी.
2017 में बीजेपी की योगी सरकार आई तो खनन माफिया के काले चिट्ठे खुलने शुरू हो गए. एक के बाद हाजी इकबाल और उसके बेटों अब्दुल वाजिद, जावेद, मोहम्मद अफजाल, अलीशान और उसके भाई पूर्व एमएलसी मोहम्मद अली के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, अवैध खनन करने, संपत्तियां कब्जाने, दुष्कर्म, जानलेवा हमला करने सहित 45 मामले दर्ज हो गए. यहां तक कि अवैध खनन से अर्जित की गई बेनाम संपत्ति की जांच शुरू होने लगी. इकबाल बाल्ला पर शिकंजा कसने लगा तो मामला सीबीआई और ईडी तक पहुंच गया. सीबीआई और ईडी अलग से मामलों की जांच कर रही है.
जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के मामले में पुलिस-प्रशासन की टीमें भेजकर लखनऊ, नोएडा अैर सहारनपुर में हाजी इकबाल की अवैध संपत्तियां चिंहित की गई हैं. इनको कुर्क करने की कार्रवाई की जा रही है. हाजी इकबाल के चारों बेटों और भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली विभिन्न मुकदमों में पहले ही जेल में बंद हैं. हालांकि, माफिया हाजी इकबाल पुलिस पहुंच से दूर है. हाजी इकबाल विदेश ना भाग जाए, इससे पहले उसका और परिजनों के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं.
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