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कभी-कभार अतिक्रमण हटाकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकते अधिकारी : HC

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि फुटपाथों को लगातार अतिक्रमण से मुक्त रखा जाना चाहिए और अधिकारी कभी-कभार अतिक्रमण रोधी अभियान चलाकर अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकते.

दिल्ली उच्च न्यायालय
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Published : Aug 28, 2021, 3:10 PM IST

नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनआरडीएमसी) को मंगोलपुरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा है कि वहां फिर से अतिक्रमण नहीं हो. अदालत ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि फुटपाथों के अवैध अतिक्रमणों को दैनिक आधार पर हटाया जाए.

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा, कभी-कभार अतिक्रमण हटाने की कवायद कर प्रतिवादी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि फुटपाथों को लगातार अवैध अतिक्रमणों और फेरीवालों से मुक्त रखा जाए.

अदालत राजन नाम के एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने आरोप लगाया कि मंगोलपुरी में एक बाजार के सामने फुटपाथ पर स्टॉल के रूप में अनधिकृत एवं अवैध अतिक्रमण किए गए हैं. याचिका में कहा गया कि अतिक्रमण से इलाके में पैदल चलना और अन्य गतिविधियां चलाना मुश्किल हो गया है.

पीठ ने अपने आदेश में कहा, हम थाना मंगोलपुरी के प्रभारी को निर्देश देते हैं कि क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अधिकार रखने वाले अधिशासी अभियंता, एनआरडीएमसी को आवश्यक बल प्रदान किया जाए. अदालत ने यह भी कहा कि एनआरडीएमसी और पुलिस को फिर से अतिक्रमण होने से रोकने के लिए अवरोधक भी लगाने चाहिए.

यह भी पढ़ें- नोएडा में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिसकर्मी पर हमला

क्षेत्र के सामुदायिक पार्क में वाहन खड़े किए जाने संबंधी याचिकाकर्ता की एक अन्य शिकायत पर पीठ ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस तरह की अवैध पार्किंग न हो.

(पीटीआई-भाषा)

नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनआरडीएमसी) को मंगोलपुरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा है कि वहां फिर से अतिक्रमण नहीं हो. अदालत ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि फुटपाथों के अवैध अतिक्रमणों को दैनिक आधार पर हटाया जाए.

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा, कभी-कभार अतिक्रमण हटाने की कवायद कर प्रतिवादी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि फुटपाथों को लगातार अवैध अतिक्रमणों और फेरीवालों से मुक्त रखा जाए.

अदालत राजन नाम के एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने आरोप लगाया कि मंगोलपुरी में एक बाजार के सामने फुटपाथ पर स्टॉल के रूप में अनधिकृत एवं अवैध अतिक्रमण किए गए हैं. याचिका में कहा गया कि अतिक्रमण से इलाके में पैदल चलना और अन्य गतिविधियां चलाना मुश्किल हो गया है.

पीठ ने अपने आदेश में कहा, हम थाना मंगोलपुरी के प्रभारी को निर्देश देते हैं कि क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अधिकार रखने वाले अधिशासी अभियंता, एनआरडीएमसी को आवश्यक बल प्रदान किया जाए. अदालत ने यह भी कहा कि एनआरडीएमसी और पुलिस को फिर से अतिक्रमण होने से रोकने के लिए अवरोधक भी लगाने चाहिए.

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क्षेत्र के सामुदायिक पार्क में वाहन खड़े किए जाने संबंधी याचिकाकर्ता की एक अन्य शिकायत पर पीठ ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस तरह की अवैध पार्किंग न हो.

(पीटीआई-भाषा)

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