नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी वंशवाद को लेकर विपक्षी पार्टियों को घेरेगी और इसकी शुरुआत दो दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कर दिया था. सूत्रों की मानें, तो भारतीय जनता पार्टी वंशवाद और वंशवाद के कारण हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी जोर-शोर से हवा देगी. इसकी शुरुआत जेपी नड्डा ने किया था. इसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाया है.
बिहार के चुनाव में कांग्रेस भले ही बहुत अधिक प्रभुत्व रखने वाली पार्टी के रूप में नहीं है. बावजूद भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं की तरफ से एक अलग ही रणनीति तैयार की गई है और ये जमीन पर दिखने भी लगा है, जिसमें कांग्रेस और गांधी परिवार पर सीधे वंशवाद को बढ़ावा देने और वंशवाद के माध्यम से भ्रष्टाचार को पनपने देने संबंधी मुद्दे को भाजपा जोर-शोर से चुनावी मैदान में उछालेगी.
सूत्रों की मानें, तो भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं की तरफ से सभी केंद्रीय नेताओं और राज्य के नेताओं को भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने और इससे संबंधित सवाल जवाब करने संबंधित अंदरखाने निर्देश दिए गए हैं.
दो दिन पहले इसकी शुरुआत नड्डा ने पंजाब में प्रधानमंत्री के पुतले जलाने और राहुल गांधी की टिप्पणी ओर जवाब देते हुए किया था, जिसमें उन्होंने सीधे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर प्रहार करते हुए यह आरोप लगाया था कि कांग्रेस का एक खानदान और वंश की गहरी नफरत जितना ऐतिहासिक है, उतना ही ऐतिहासिक है भारत के लोगों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपार प्यार और समर्थन.
साथ ही भाजपा अध्यक्ष ने ट्वीट के माध्यम से यहां तक लिखा था कि नेहरू-गांधी खानदान में कभी भी प्रधानमंत्री पद और प्रधानमंत्री के कार्यालय की गरिमा का सम्मान ही नहीं किया है और वंशवाद को ही मात्र बढ़ावा दिया है.
इसके बाद प्रधानमंत्री ने भी भ्रष्टाचार के वंशवाद पर टिप्पणी करते हुए यहां तक कह दिया कि भ्रष्टाचार करने वाली एक पीढ़ी को सही सजा न मिलने पर दूसरी पीढ़ी और ज्यादा ताकत से भ्रष्टाचार करती है, कई राज्यों में यह राजनीतिक परंपरा का हिस्सा बन गया है. भ्रष्टाचार का यह वंशवाद देश को दीमक की तरह खोखला कर सकता है. प्रधानमंत्री का वंशवाद पर यह आरोप भी काफी आक्रामक था.
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कुल मिलाकर वंशवाद को भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सहित उन पार्टियों के लिए मुख्य मुद्दा बनाने की ठान ली है, जिसकी अगली पीढ़ी पार्टी में मुख्य भूमिका निभा रही है या फिर किसी पार्टी में शीर्ष नेतृत्व में है.
इसमें मुख्य हमला कांग्रेस पर भाजपा तो करेगी, साथ ही साथ आरजेडी, शिवसेना एनसीपी से लेकर टीएमसी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसी पार्टियों पर भी सुनियोजित राजनैतिक हमला करने का फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया गया है. यह मुद्दा सिर्फ बिहार चुनाव में ही नहीं, बल्कि आने वाले सभी राज्यों के और उपचुनाव में जोर-शोर से उछाला जाएगा.
भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव ने नाम न लेने की शर्त पर बताया कि पार्टी इस मुद्दे को पहले भी उठाती रही है और अब मात्र विपक्ष के हमले के जवाब में इस मुद्दे को जवाब के रूप में रखने पर विचार किया गया है और हरेक राजनीतिक पार्टी में मुद्दों पर मंथन होता है. इसमें सिर्फ भाजपा की बात नहीं.