नई दिल्ली: राऊज एवेन्यू कोर्ट में गुरुवार को मनी लाउंड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन को पेश किया गया. सत्येंद्र जैन को पांच दिनों के लिए और ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है. इस दौरान सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ने की भी खबर सामने आ रही है. जानकारी के मुताबिक उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है. उधर, बेल भी फ़ाइल कर दी गई है.
कोर्ट ने तुषार मेहता से पूछा था कि क्या आप 2015-17 के लेनदेन की बात कर रहे हैं. तब मेहता ने कहा था कि हां. मेहता ने कहा था कि ईडी ने उन्हें जांच के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया. मेहता ने कहा था कि हमें ये पता लगाना है कि पैसा किसी और का लगा था कि नहीं, इस पैसे से किसको लाभ हुआ इसका पता लगाना है. उन्होंने कहा था कि ये मामला केवल 4.81 करोड़ का ही नहीं है.
सत्येन्द्र जैन की ओर से वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने कहा था कि सत्येन्द्र जैन जांच में लगातार सहयोग कर रहे हैं. हरिहरन ने कहा था कि ईडी जो दलीलें दे रहा है वो 2017 में दाखिल चार्जशीट का दोहराव मात्र है. उस केस में एक इंच आगे नहीं बढ़ा गया है. 5-6 बार सत्येन्द्र जैन को बुलाया गया और वे जांच में शामिल हुए. हरिहरन ने कहा था कि सह-आरोपी कुछ भी कर सकता है उसके लिए आरोपी जिम्मेदार नहीं है. सीबीआई जांच में भी आय के स्रोत का पता नहीं लगाया गया. इस बात का कोई सबूत नहीं है कि आरोपी का पैसा हवाला के जरिये गया. सत्येन्द्र जैन के घर पर दो बार छापा डाला गया. उनका बैंक खाता सीज किया गया. हरिहरन ने कहा था कि सत्येन्द्र जैन ने मंत्री बनने के बाद सभी कंपनियों से इस्तीफा दे दिया था. ईडी के पास जांच करने के लिए सब कुछ है.
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