सूरजपुर: धड़सेरी गांव में निर्माणाधीन कुएं में मिट्टी धसकने से 6 मजदूर मलबे में फंस गए थे. इसमें 3 लोगों को बाहर निकाल (सूरजपुर में बड़ा हादसा) लिया गया था. बाकी तीन को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है. तीन में से 2 मजदूरों के शव को बाहर निकाले गए हैं. 1 मजदूर अभी भी कुएं में फंसा हुआ है. अभी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
हादसे की जानकारी मिलते ही जिले के कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे हैं. मौके पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल SDRF (State Disaster Response Force) के साथ SECL (South Eastern Coalfields Limited) और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है. हादसे की सूचना पर आपदा स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सूरजपुर का दौरा किया. वह मृतकों के परिवार के लोगों से मिले.
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अब भी मलबे में दबा 1 मजदूर
शनिवार को धड़सेरी गांव में मनरेगा के तरह कुआं का निर्माण कराया जा रहा था. जिसमें 13 मजदूर काम कर रहे थे. 7 मजदूर कुएं के ऊपर और 6 मजदूर कुएं के अंदर काम कर रहे थे. इसी दौरान एकाएक मिट्टी भरभरा कर गिर गई. जिसमें तीन मजदूर किसी तरह बचकर बाहर निकल गए. जिन्हें मामूली चोटें आई है. जबकि तीन मजदूर अब भी मलबे में दबे हुए हैं. जिसमें आज 2 मजदूर के शव बरामद कर लिए गए हैं. मलबे में दबे 1 मजदूर की तलाश जारी है.
मृतकों के परिजनों से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने की मुलाकात
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए, मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया है. स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव धड़सेड़ी गांव पहुंचे. यहां उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों से मुलाकात की है.
केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने भी मृतकों के परिजनों से मुलाकात की
शनिवार देर रात केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह पीड़ित मजदूरों के परिजनों से मिलने पहुंची थी. आज सुबह पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा भी पीड़ित मजदूरों के परिजनों से मिलने घटनास्थल पहुंचे थे. इधर, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कार्यालय से ट्वीट कर मलबे में फंसे लोगों में मृतकों के परिजनों को 5.25-5.25 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है.