रायगढ़: राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के समापन पर सुप्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास पहुंचे. कार्यक्रम शुरू करने से पहले उन्होंने ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे के मृतकों को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें भगवान श्रीराम के लिए इतना सुंदर काम करने का अवसर मिला है. यह सौभाग्य की बात है.

भाग्यशाली है छत्तीसगढ़: कुमार विश्वास ने कार्यक्रम की शुरुआत अपने अपने राम की थीम पर मंगलाचरण के साथ की. उन्होंने कहा कि राजा वही जो गरीब से इंसाफ करें, शबरी के बेर खाकर जमाने को मोड़ दे. उनके ये शब्द सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भाव विभोर हो गए और जय श्रीराम के नारे लगाने लगे.

छत्तीसगढ़वासी भाग्यशाली है जो उन्हें यहां कौशल्या जैसी मां मिली है. मैं यहां पिछले 30 वर्षों से आ रहा हूं लेकिन मुझे नहीं पता था कि मेरे राम का यहां इतना गहरा प्रभाव है. लोग कहते हैं कि आपके प्रदेश में क्या मिलेगा, तो अब मैं पूरे विश्व को बताऊंगा कि यहां शबरी और कौशल्या के राम मिलेंगे- कुमार विश्वास

पुरानी परंपरा को निभा रहा: कवि कुमार विश्वास ने कहा कि मेघदूतम में भी लिखा गया है कि यहां के लोग सौभाग्यशाली है. महात्मा गांधी, भगवान श्रीराम से प्रभावित नहीं होते तो वे अंग्रेजों से इतनी बड़ी लड़ाई नहीं लड़ पाते. गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा कि शंकर जी पार्वती मैया को कहते हैं कि रामकथा संशय नष्ट करती है. मैं राम पर इसलिए कह रहा हूं कि ये कथा सबसे पहले वाल्मीकि ने सुनाई, फिर तुलसीदास जी ने, तमिल रामायण के रचियता कम्बन ने भी सुनाई. ये हमारी परंपरा है और मैं इसका निर्वाह कर रहा हूं. राम और भरत का कोमल प्रसंग सुनकर वहां मौजूद लोगों के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी भावुक हो गए.