दुर्ग: छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है. इससे दुर्ग जिला भी अछूता नहीं है. प्रदेश में दुर्ग ऐसा जिला बन गया है जहां सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे हैं. यही नहीं बल्कि कोरोना के मामले में दुर्ग हॉटस्पॉट बना हुआ है. ऐसे में ETV भारत की टीम सफर करने वाले यात्रियों की व्यवस्था का जायजा लेने दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंची.
महाराष्ट्र या अन्य राज्यों से आने वाले दर्जन भर से ज्यादा यात्री संक्रमित पाए जा रहे हैं. लेकिन उनके लिए रेलवे स्टेशन के बाहर एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं है. पॉजिटिव मरीजों को खुद की व्यवस्था से अस्पताल या होम आइसोलेशन पर जाना पड़ रहा है. ऐसे में संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ने की संभावना है.
हर रोज 10 से 12 यात्री मिल रहे संक्रमित
दुर्ग रेलवे स्टेशन पर जब ETV भारत की टीम पहुंची तो देखा कि एग्जिट गेट के पास थर्मल स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी. एक मशीन थी वो भी बंद. वहीं टेबल लगाकर कुछ डॉक्टर्स मौजूद थे, जो बाहर से आने वाले यात्रियों का सैंपल लेने के लिए बैठे थे. उनमें से एक कर्मचारी से ETV भारत ने बात की. कर्मचारी ने बताया कि बाहर से आने वाले 10 से 12 यात्री रोजाना पॉजिटिव मिल रहे हैं. इनमें सबसे ज्यादा महाराट्र से आने वाले यात्री शामिल हैं. मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस की क्या व्यवस्था है पूछे जाने पर कर्मचारी ने बताया कि एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं है. हम केवल टेस्ट करने के लिए हैं. बाकी ऊपर के अधिकारी जानेंगे.
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एम्बुलेंस नहीं होने से खुद पहुंच रहे अस्पताल
रेलवे प्रशासन बाहर से आने वाले यात्रियों की कोविड जांच तो कर रहा है. लेकिन पॉजिटिव आने पर अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है. बहुत से मरीज पैदल ही अपने घर या अस्पताल पहुंच रहे हैं. रेलवे की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. शायद यही वजह है कि इन दिनों दुर्ग जिले में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है.
रेलवे परिसर में अव्यवस्था का आलम
दुर्ग कोरोना के मामले में हॉटस्पॉट बना हुआ है. इसके बाद भी रेलवे प्रबंधन की लापरवाही साफ तौर पर देखी जा रही है. यात्री तो लापरवाह नजर आ ही रही हैं, लेकिन यात्रियों की इस लापरवाही पर रेलवे प्रबंधन भी खामोशी का लबादा ओढ़ी हुई है. परिसर में न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है और न ही यात्रियों की बैठने की कोई व्यवस्था है. इससे कहीं न कहीं संक्रमण तेजी से बढ़ने का खतरा बना हुआ है.