बिलासपुर : हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में सुनवाई करते हुए जांजगीर-चांपा जिले के डीएफओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बता दें कि याचिकाकर्ता ए. के. साहू जांजगीर-चांपा के वन विभाग में पिछले 10 सालों से अस्थाई कर्मचारी के तौर पर कार्यरत है. कुछ समय पहले उन्होंने हाईकोर्ट में नियमितीकरण करने के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए जांजगीर-चांपा डीएफओ को मामले में 3 महीने के अंदर विचार करने का आदेश जारी किया गया था.
तय समय सीमा में नियमितीकरण न किए जाने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने जांजगीर चांपा डीएफओ और शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. मामले में अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद होगी. पूरे मामले की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच द्वारा की गई है.
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आवासीय विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ याचिका दायर
वहीं एक दूसरे मामले में महासमुंद स्थित शासकीय स्कूल, प्रयास आवासीय विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है. बता दें कि महासमुंद स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में 24 जून को आठवीं कक्षा में फेल हुए छात्र-छात्राओं के एडमिशन के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्र-छात्राओं को स्कूल प्रबंधन ने अपात्र घोषित कर दिया था. स्कूल प्रबंधन के इस निर्णय के खिलाफ अभिभावक आहर सिंह ठाकुर व अन्य ने हाईकोर्ट में अभी अपने अधिवक्ता के जरिए से याचिका दायर की थी. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शासन को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है.
मामले में अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी. पूरे मामले की सुनवाई जस्टिस पी.सेम कोशी की सिंगल बेंच में की गई.