बालोद: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan mantri awas yojna) शामिल है. बालोद में इस योजना का बुरा हाल है. PM Awas Yojana के हितग्राहियों को पिछले 9 महीने से किसी तरह का कोई भुगतान नहीं हुआ है. हितग्राहियों को 18 करोड़ 59 लाख रुपये का भुगतान करना है. कर्जदार कर्ज वसूलने आवास योजना के हितग्रहियों के घर पहुंच रहे हैं. जिसकी वजह से कई हितग्राही जर्जर घरों में बल्लियां लगाकर जीवन यापन कर रहे हैं. तो कुछ लोग पक्के मकान बनाने के बाद से राशि के अभाव में लकड़ियों और घास फूस के छत ढालने को मजबूर हैं.
7 हजार नए आवास निर्माण का लक्ष्य
केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्षेत्र जिला पंचायत द्वारा 7,000 हितग्राहियों के लिए पक्के आवास का निर्माण कराने का लक्ष्य रखा गया है. लापरवाह बनी सरकारी सिस्टम के कारण बीते 9 माह में कई हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ किस्त की राशि अब तक नहीं मिल पाई है. जिसके कारण लोगों के घर अधूरे हैं. लगातार जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चक्कर लोग काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक किसी तरह का कोई प्रतिफल नहीं मिल पाया है.
बारिश का मौसम, जीवन यापन दूभर
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुछ लोगों ने घर बनाने के लिए नींव डाल दी है लेकिन दीवार नहीं बनवा पा रहे हैं. कुछ परिवार की सर्वे पीएम आवास योजना सूची में उनका नाम है. उनके घरों का निर्माण शुरू होने वाला है. लेकिन राशि न मिलने के कारण वे अपनी जर्जर घरों में लकड़ी के खंभे लगाकर जीवन यापन कर रहे हैं तो वहीं पक्के घरों में घास फूस की छत भी देखने को मिल रही है. यह सब प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि ना मिलने के कारण है. ऐसे परिवारों को खासी तकलीफ उठानी पड़ रही है. छोटे-छोटे मासूम बच्चे हैं. वह कर भी क्या सकते हैं जब सरकार ने ही योजना से मुंह मोड़ लिया है.
टपकता है घर, कब ढह जाए पता नहीं
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही रज्जू दास ने बताया कि मेरा घर काफी पुराना है. उनका घर पीएम आवास योजना के तहत आया है. अब तक राशि जारी नहीं हुई है. जिसके कारण उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस छोटे घर में 5 सदस्य रहते हैं. उन्होंने कहा कि झोपड़ी से बारिश की पानी टपकती है. हम बुनकर के कार्य से जुड़कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं. इसी तरह भगवत राम ने बताया कि हमारा घर ऐसा ही है. अब तक सरकार ने पहली किस्त जारी की है.
सरकार पैसे दे पाने में असमर्थ
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीएम आवास योजना की राशि देने में असमर्थ है. केंद्र सरकार ने अपना पूरा कार्य कर दिया है. राज्य सरकार अपना कार्य नहीं कर पा रही है. प्रशासनिक अधिकारी किसी तरह का बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं.
लॉकडाउन ने तोड़ी कमर
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही गरीब परिवारों से आते हैं. उन्हें पक्का मकान बनाने के लिए सरकार द्वारा मदद किया जाता है. कोविड-19 काल में निचले तबके के लोग और मध्यमवर्गीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. अब जैसे तैसे कोविड-19 संक्रमण काल की अवधि को पार कर जीवन पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में सरकार का यह तमाचा उन पर भारी पड़ने लगा है.
केंद्र-राज्य आमने सामने
केंद्र सरकार ने तो अपना पैसा दे दिया है लेकिन यह राशि राज्य सरकार की तरफ से अटकी है. जबकि प्रशासनिक जानकारी के अनुसार 60 और 40 प्रतिशत के साथ ही राज्य और केंद्र सरकार को भुगतान करना होता है. पहली बार ऐसा हुआ जब प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि रुकी हुई है.
परेशान सरपंच संघ कर सकते हैं आंदोलन
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पैसे रुके होने के कारण ग्राम पंचायत से जुड़े लोग भी काफी परेशान हैं. वे शासन और प्रशासन से आवेदन निवेदन करके थक गए हैं. उनका कहना है कि वे काफी प्रताड़ित महसूस करते हैं. हितग्राही उनसे सवाल पूछने आते हैं, तो वह कुछ जवाब नहीं दे पाते हैं. हम भी काफी दिन से राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं. इसके लिए विज्ञापन भी दे चुके हैं.