रायपुर: छत्तीसगढ़ में लगातार पंचायतों को मजबूत करने राज्य सरकार काम कर रही है. सरकार ने पंचायत जनप्रतिनिधियों को कई अधिकार भी (Rights to Panchayats in Chhattisgarh) दिए हैं. साथ ही आर्थिक तौर पर मजबूत बनाया जा रहा है.इन सबके बीच छत्तीसगढ़ में पंचायती राज और पंचायत के हालात कैसे हैं.आइए राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर पंचायत से जुड़े हर सवाल का जवाब जानते हैं.
छत्तीसगढ़ में पंचायतों को कई अधिकार : दो महीने पहले राज्य सरकार ने पंचायतों को अधिकार देने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं .यदि वह धरातल में उतर गए होंगे तो पंचायत दिवस पर पंचायत प्रतिनिधियों का स्वागत और बधाई देना उचित होगा. हमारी भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण व्यवस्था में पंचायत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. पंचायत स्तर पर उठने वाले विवादों को स्थानीय स्तर पर ही हल कर लेना चाहिए. पंचायत के मुखिया और पंच को पंच परमेश्वर कहा गया है. उन पंच परमेश्वर को हर तरीके से मजबूत करने में सरकार को महत्व देना चाहिए.
पंचायत को फैसलों का अधिकार हो : पंचों को शक्तियां देने पर इससे बहुत सारे विवाद पंचायत स्तर पर ही हल हो सकते हैं. पंचायत को ज्यादा से ज्यादा शक्तिशाली बनाने , पंचायत को हर तरीके से संपन्न बनाने के लिए अगर पहल हुई, तो आज के समय में बढ़ती अपराध की समस्या सामाजिक बुराइयों की समस्या और अन्य जो मांगें उठती हैं. वह मांगें गांव स्तर पर ही हल हो जाएंगी. शहर में या कोर्ट कचहरी में इनकी संख्या नहीं बनेगी. दूसरी तरफ एक शराब जैसे अन्य मुद्दों पर गांव में जागरूकता बढ़ने से एक आदर्श ग्राम स्थापित करने की परिकल्पना साकार रूप लेगा।
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पंचायत राज सम्मेलन के दौरान सीएम की बड़ी घोषणाएं : पूर्व प्रधानमंत्री प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर 19 नवंबर 2021 को रायपुर के बूढ़ातालाब इंडोर स्टेडियम में पंचायत राज सम्मेलन कार्यक्रम (Chhattisgarh Panchayat Raj Conference) का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन में त्रिस्तरीय पंचायती राज के पंच से लेकर सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्षगण ने हिस्सा लिया था. सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई घोषणाएं की थी.
सीएम भूपेश की प्रमुख घोषणाएं :
1. जिला/जनपद पंचायत अध्यक्ष के समक्ष नोटशीट प्रस्तुत करने के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य बजट की योजनाओं के क्रियान्वयन में नोटशीट जिला / जनपद पंचायतों के अध्यक्षों के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किए जाएंगे केन्द्र सरकार की योजनाओं के लिये यह लागू नहीं होगा।
2. जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष को वित्तीय अधिकार छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य बजट की योजनाओं के राशि का भुगतान पूर्व संबंधित अध्यक्ष द्वारा नस्ती पर अनुमोदन पश्चात मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं वरिष्ठ लेखाधिकारी / सहायक लेखाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से तथा जनपद के मामले मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं सहायक लेखाधिकारी उसकी अनुपस्थिति में कलेक्टर द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से भुगतान किया जायेगा
3. जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए प्रतिवर्ष 15 लाख रूपए, जिला पंचायत उपाध्यक्ष के लिए 10 लाख रूपए तथा जिला पंचायत सदस्य के लिये 4 लाख रूपए, जनपद पंचायत अध्यक्ष के लिए 5 लाख रूपये, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष के लिये 3 लाख रूपए तथा जनपद पंचायत सदस्य के लिये 2 लाख रूपए निधि प्रदाय किए जाएगा। इस प्रकार कुल 45 करोड़ रूपए के बजट प्रावधान को पुनर्विनियोजन के माध्यम किया जायेगा
4. जिला पंचायत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के गोपनीय चरित्रावली लिखे जाने के संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के गोपनीय प्रतिवेदन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के जिला पंचायत के सचिव के रूप में किये गये कार्यदायित्व के संबंध में अध्यक्ष, जिला पंचायत गोपनीय प्रतिवेदन लिखने वाले प्रतिवेदक अधिकारी (कलेक्टर) को अपना अभिमत संसूचित करेगा
5. जनपद पंचा. के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के गोपनीय चरित्रावली लिखे जाने के संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के गोपनीय प्रतिवेदन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के जनपद पंचायत के सचिव के रूप में किये गये कार्यदायित्य के संबंध में अध्यक्ष, जनपद पंचायत गोपनीय प्रतिवेदन लिखने वाले प्रतिवेदक अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत) को अपना अभिमत संसूचित करेगा
6. जिला जनपद पंचायत अध्यक्ष/उपाध्यक्ष को वाहन उपलब्ध कराने संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष को वाहन उपलब्ध कराये जाने हेतु पूर्व 2 करोड रूपए प्रतिवर्ष व्यय की सहमति दी गई है। जनपद पंचायत अध्यक्ष को वाहन उपलब्ध कराये जाने हेतु 6.13 करोड़ रूपए की अतिरिक्त व्यय की स्वीकृति दी जायेगी।
7. सरपंचों के मानदेय को 2 हजार रूपए बढ़ाकर 4 हजार रूपए करने की घोषणा
8. जिला पंचायत अध्यक्षों का मानदेय 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 25 हजार रूपए करने, जिला पंचायत उपाध्यक्ष का मानदेय 10 हजार रूपए से बढ़ाकर 15 हजार रूपए और जिला पंचायत सदस्य का मानदेय 6 हजार रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए करने की घोषणा
9. सरपंचों को अब 50 लाख रूपए की लागत तक के कार्य कराने का अधिकार होगा
10. नया संशोधित एसओआर जल्द लागू होगा
11. ग्राम पंचायतों के पंचों को बैठक के लिए मिलने वाले 200 रूपए के भत्ते को बढ़ाकर 500 रूपए करने की घोषणा।
12. पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों की अन्य मांगों पर विचार करने के लिए पंचायत मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने की घोषणा