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प्रशांत किशोर की पदयात्रा 2 अक्टूबर से, तय करेंगे पूरे बिहार का सफर - ईटीवी भारत

2 अक्टूबर से पीके की पदयात्रा शुरू होने वाली है. लगभग डेढ साल में प्रशांत किशोर 3500 किलोमीटर पैदल चलेंगे. क्या है इसका उद्देश्य आगे पढ़ें पूरी खबर...

prashant kishor
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Published : Oct 1, 2022, 9:39 PM IST

पश्चिम चंपारण : जन सुराज अभियान के तहत प्रशांत किशोर अपनी घोषणा के मुताबिक 2 अक्टूबर से पदयात्रा की शुरूआत करने जा रहे हैं. यह पदयात्रा बिहार पश्चिम चंपारण जिले के भितिहरवा गांधी आश्रम से शुरू होगी. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से वे लगभग 3500 किलोमीटर पैदल चलेंगे और बिहार के हर पंचायत और प्रखंड में पहुंचने का प्रयास करेंगे. उन्होंने ये भी कहा है कि इस पदयात्रा को पूरा करने में लगभग एक से डेढ़ साल तक का समय लगेगा और इस बीच वो पटना या दिल्ली नहीं लौटेंगे.

ये भी पढ़ें - 'लालू राज में अपराधी गन से जनता की हजामत बनाते थे, नीतीश राज में अधिकारी पेन से हजामत बना रहे हैं'

''स्वतंत्रता के बाद 50 के दशक में भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल बिहार, आज देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य है. आज गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से लोगों का यहां बुरा हाल है. अब समय बदलने का है. इस संकल्प के साथ और आने वाले 10 सालों में बिहार को देश के शीर्ष 10 राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए, जन सुराज का यह अभियान समाज के सही लोगों को जोड़कर, एक सही सोच के साथ, सामूहिक प्रयास के जरिए एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश है, जिससे सत्ता परिवर्तन सही मायनों में व्यवस्था परिवर्तन का जरिया बने.''- प्रशांत किशोर, चुनावी रणनीतिकार

प्रशांत किशोर पदयात्रा का वीजन : प्रशांत किशोर ने इस यात्रा के उद्देश्य की चर्चा करते हुए कहा कि समाज की मदद से जमीनी स्तर पर सही लोगों को चिन्हित करना और उनको एक लोकतांत्रिक मंच पर लाने का प्रयास करना तथा स्थानीय समस्याओं और संभावनाओं को बेहतर तरीके से समझना और उसके आधार पर नगरों एवं पंचायतों की प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध कर, उनके विकास का ब्लूप्रिंट बनाना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान बिहार के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक विकास, कृषि, उद्योग और सामाजिक न्याय जैसे 10 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञों और लोगों के सुझावों के आधार पर अगले 15 साल का एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार होगा. जन सुराज अभियान की आधिकारिक वेबसाइट भी शुरू की गई है.

इस पदयात्रा के 3 मूल उद्देश्य हैं :-

1. समाज की मदद से जमीनी स्तर पर सही लोगों को चिन्हित करना और उनको एक लोकतांत्रिक मंच पर लाने का प्रयास करना.
2. स्थानीय समस्याओं और संभावनाओं को बेहतर तरीके से समझना और उसके आधार पर नगरों एवं पंचायतों की प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध कर, उनके विकास का ब्लूप्रिंट बनाना.
3. बिहार के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक विकास, कृषि, उद्योग और सामाजिक न्याय जैसे 10 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञों और लोगों के सुझावों के आधार पर अगले 15 साल का एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करना.


पश्चिम चंपारण : जन सुराज अभियान के तहत प्रशांत किशोर अपनी घोषणा के मुताबिक 2 अक्टूबर से पदयात्रा की शुरूआत करने जा रहे हैं. यह पदयात्रा बिहार पश्चिम चंपारण जिले के भितिहरवा गांधी आश्रम से शुरू होगी. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से वे लगभग 3500 किलोमीटर पैदल चलेंगे और बिहार के हर पंचायत और प्रखंड में पहुंचने का प्रयास करेंगे. उन्होंने ये भी कहा है कि इस पदयात्रा को पूरा करने में लगभग एक से डेढ़ साल तक का समय लगेगा और इस बीच वो पटना या दिल्ली नहीं लौटेंगे.

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''स्वतंत्रता के बाद 50 के दशक में भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल बिहार, आज देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य है. आज गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से लोगों का यहां बुरा हाल है. अब समय बदलने का है. इस संकल्प के साथ और आने वाले 10 सालों में बिहार को देश के शीर्ष 10 राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए, जन सुराज का यह अभियान समाज के सही लोगों को जोड़कर, एक सही सोच के साथ, सामूहिक प्रयास के जरिए एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश है, जिससे सत्ता परिवर्तन सही मायनों में व्यवस्था परिवर्तन का जरिया बने.''- प्रशांत किशोर, चुनावी रणनीतिकार

प्रशांत किशोर पदयात्रा का वीजन : प्रशांत किशोर ने इस यात्रा के उद्देश्य की चर्चा करते हुए कहा कि समाज की मदद से जमीनी स्तर पर सही लोगों को चिन्हित करना और उनको एक लोकतांत्रिक मंच पर लाने का प्रयास करना तथा स्थानीय समस्याओं और संभावनाओं को बेहतर तरीके से समझना और उसके आधार पर नगरों एवं पंचायतों की प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध कर, उनके विकास का ब्लूप्रिंट बनाना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान बिहार के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक विकास, कृषि, उद्योग और सामाजिक न्याय जैसे 10 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञों और लोगों के सुझावों के आधार पर अगले 15 साल का एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार होगा. जन सुराज अभियान की आधिकारिक वेबसाइट भी शुरू की गई है.

इस पदयात्रा के 3 मूल उद्देश्य हैं :-

1. समाज की मदद से जमीनी स्तर पर सही लोगों को चिन्हित करना और उनको एक लोकतांत्रिक मंच पर लाने का प्रयास करना.
2. स्थानीय समस्याओं और संभावनाओं को बेहतर तरीके से समझना और उसके आधार पर नगरों एवं पंचायतों की प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध कर, उनके विकास का ब्लूप्रिंट बनाना.
3. बिहार के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक विकास, कृषि, उद्योग और सामाजिक न्याय जैसे 10 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञों और लोगों के सुझावों के आधार पर अगले 15 साल का एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करना.


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