लखीसराय: स्कूलों के 100 गज के दायरे से तम्बाकू उत्पाद की दुकानें अविलम्ब हटाये जायेंगे. जिला पदाधिकारी ने सभी सार्वजनिक स्थानों और कार्यालयों में तम्बाकू मुक्त क्षेत्र का बोर्ड लगाने का निर्देश जारी किया है.
अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का निर्देश
डीडीसी ने पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर आमजनों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराने का दिया है. जिले के समाहरणालय के मंत्रणा कक्ष में जिला पदाधिकारी संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग और सीड्स के संयुक्त तत्वाधान में जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
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पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से लोगों को जागरूक
जिला नोडल पदाधिकारी डॉ सुरेश शरण ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का उद्देश्य बताया. इस दौरान तम्बाकू नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से लोगों को अवगत कराया. इसके साथ ही तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया. वहीं तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 की विभिन्न धाराओं के अनुपालन के तरीके को समझाया.
जिला को तम्बाकू मुक्त बनाने की मुहिम
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पदाधिकारी ने समस्त जिलावासियों से अपील करते हुए कहा है कि वे अपने जिले को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू कर रहे हैं. जिससे आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके. जिला पदाधिकारी ने तम्बाकू नियंत्रण के लिए जिले में गठित त्रिस्तरीय छापेमारी दस्ते के सभी सदस्यों को शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के अंदर स्थित सभी तम्बाकू दुकानों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापेमारी करने का निर्देश दिया है.
लोगों को करना होगा जागरूक
जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को सफल करने के लिए और अधिक प्रयास करना होगा. समाज के आम लोगों के बीच जाकर तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए इसपर पूर्ण नियंत्रण लगाने के लिए कार्य करने होगा. तंबाकू का सेवन न करने के लिए लोगों को प्रेरित और जागरूक करना होगा. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोविड-19 से लड़ रहे हैं उसी प्रकार तंबाकू को समाप्त करने के लिए लड़ाई लड़नी होगी.
धूम्रपान करना एक खतरनाक आदत
उपविकास आयुक्त अनिल कुमार ने बताया कि धूम्रपान करना एक खतरनाक आदत है. जहां छोटे-छोटे बच्चे है, वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बनती जा रही है. तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने की आवश्यकता है. हर स्तर पर तंबाकू नियंत्रण के कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का सहयोग आपेक्षित है.