जमुई: जिले में बारिश ने नगर परिषद (City Council) की पोल खोल कर रख दी है. नाले का पानी सड़क पर घुटने (Drain Water Filled Road) तक भर गया है. रोड पर पानी ही पानी ही नजर आ रहा है. बारिश (Rain)ने शहर का हाल बेहाल कर दिया है.
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जमुई में उमस भरी गर्मी, कड़कड़ाती धूप से लोग परेशान हो रहे थे. इसी बीच अचानक आसमान में काले बादलों ने डेरा डाला और झमाझम बारिश होने लगी. लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन एक धंटे की बारिश ने नगर परिषद की पोल खोल कर दी.
शहर के महिसौड़ी चौक होते हुऐ खैरा मोड़ की ओर जाने वाली सड़क, महिसौड़ी चौक से महराजगंज चौक की ओर जाने वाली सड़क पर घुटने भर पानी जमा हो गया, सबसे बड़ी बात ये है कि हल्की बारिश में ही शहर के अधिकतर इलाकों में नाले का पानी सड़क पर आ जाता है और अमूमन सभी रास्ते का यही हाल रहने के कारण लोग इसी में चलने के लिए मजबूर हो जाता है.
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शहर से, खासकर बाजार से पानी निकासी का कोई स्त्रोत नहीं है. जबकि जिला बने लगभग 26 वर्ष हो चुका है. शहर में कुल 30 वार्ड है, लेकिन सभी वार्ड का एक साथ डीपीआर बनाकर एक साथ जल निकासी के लिए नाले बनाने का प्रयास कभी नहीं हुआ.
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जिले से मंत्री, सांसद, विधायक, एमएलसी कई जनप्रतिनिधि चुने गए. इस समस्या को सभी माननीयों को बताया भी गया. लेकिन सभी का एक सा मिलता हुआ जवाब मिला, कह दिया गया है डीपीआर तैयार किया जाऐगा, जल्द ही काम शुरू होगा, लोगों को परेशानी से निजात मिल जाएगी. आदि-आदि लेकिन इतने वर्षों में डीपीआर तैयार नहीं हो पाया.