गया: एयरपोर्ट पर ऑस्ट्रेलिया से बैंकॉक होते हुए आए जैन समुदाय के एक दंपति को 14 दिनों के लिए एक घर में नजरबंद कर दिया गया था. बता दें कि 14 दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दंपति पर नजर रखी और जांच में कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए जाने पर शुक्रवार को दंपति के ऊपर से डब्ल्यूएचओ ने सर्विलांस हटा दिया है.
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14 दिनों में दंपति से हटाया गया सर्विलांस
मामले में डब्ल्यूएचओ अधिकारी डॉ. देवशेष मजमुदार ने बताया जैन दंपति में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं. इसलिए उन पर से स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस हटा दिया है. गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ और स्वास्थ्य विभाग ने ऑस्ट्रेलिया यात्रा से हाल ही में वापस आए दंपति को कोरोना वायरस का संदिग्ध मनाते हुए पिछले 14 दिनों से घर में नजरबंद रखा था. वहीं, कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं दिखने पर स्वास्थ्य विभाग ने उन पर से सर्विलांस हटा दिया है.
प्रतिदिन की जा रही है 400 देसी-विदेशी यात्रियों की जांच
गौरतलब है कि कोरोना वायरस को लेकर देशभर में हाई अलर्ट जारी है. वहीं, मोक्ष नगरी गया को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है. कोरोना को लेकर गया एयरपोर्ट पर जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ डब्ल्यूएचओ की यूनिट तैनात है. यही नहीं, डब्यूएचओ की यूनिट जिले भर में निगरानी कर रही है. बिहार में इंटरनेशनल फ्लाइट्स के आवागमन वाला एकमात्र एयरपोर्ट गया में है. इसकी वजह से गया को अतिसंवेदनशील माना गया है. यहां प्रतिदिन 400 देसी-विदेशी यात्रियों की जांच की जा रही है. अब तक जिले में सात कोरोना के संदिग्ध मरीज मिले हैं, जिसमें से तीन विदेशी मूल के मरीज हैं.