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बिहार में कम कीमत पर धान बेच रहे हैं किसान, इस बार MSP 1868 रुपये प्रति क्विंटल - Farmers angry over not buying paddy paddy

जिले में धान की खरीददारी दो दिनों में शुरू हो जाएगी. निर्धारित समय से धान की खरीदारी नहीं होने का कारण धान में मानक से अधिक नमी का होना था. जिले के 332 पैक्स में से 255 पैक्स समितियों और 24 व्यापार मंडल में इस बार धान की खरीददारी की जाएगी.

गया
एमएसपी 1868 रुपये प्रति क्विंटल
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Published : Dec 5, 2020, 3:47 AM IST

Updated : Dec 7, 2020, 11:55 AM IST

गया: जिले में धान की खरीददारी अगले दो दिनों में शुरू हो जाएगी. निर्धारित समय से धान की खरीदारी नहीं होने का कारण धान में मानक से अधिक नमी का होना था. जिले के 332 पैक्स में से 255 पैक्स समितियों और 24 व्यापार मंडल में इस बार धान की खरीददारी की जाएगी. वहीं, सरकार ने इस वर्ष धान की एमएसपी 1868 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है.
इस वर्ष जिले में धान की पैदावार अधिक हुई है. खलिहान धान के बोझों से अटा पड़ा है. पैक्सों में खरीदारी शुरू नहीं होने के कारण किसान एमएसपी से भी कम में फसल बेचने को मजबूर हैं.

अगले दो दिनों में शुरू होगी पैक्स द्वारा धान की खरीदारी
जब इस बाबत ईटीवी भारत ने जिले के सहकारिता पदाधिकारी निकेश कुमार से सरकारी खरीदारी की जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि जिले में अगले दो दिनों धान की सरकारी खरीदारी शुरू कर दी जाएगी. वहीं, जिलों के किसानों का कहना है कि पैक्स में जल्द धान की खरीददारी शुरू नहीं की गई तो मजबूरन उन्हें व्यापारियों को एमएसएपी से भी कम लागत में धान बेचना पड़ जाएगा. किसानों ने कहा कि रबी की बुआई सिर पर है. अगर जल्द धान बेच कर रबी के फसल की बुआई में हाथ नहीं लगाए तो पैदावार अच्छी नहीं होगी.

गया में अगले दो दिनों में सरकारी स्तर पर धान की खरीद शुरू होगी

जिले के 31 पैक्स अध्यक्ष हैं डिफॉल्टर
बता दें कि गया में 332 पैक्स अध्यक्ष है जिनमे से 31 डिफॉल्टर हैं. इनके क्षेत्र के किसानों का धान व्यापर मंडल में खरीदारी होगा. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि गया जिले में दो दिन में धान की खरीदारी शुरू हो जाएगी. अभी हमलोग ने सर्वे कराया था जिसमे धान में नमी 20 प्रतिशत है. जबकि मानक के अनुसार 17 प्रतिशत ही नमीं वाला धान की खरीदारी करना है. इस वर्ष सरकार ने गया जिले में डेढ़ लाख एमपी का लक्ष्य रखा है.

गया
फसल की कटाई करते किसान

वहीं, मगध सेंट्रल को ओपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक अमर कुमार झा ने बताया की इस बार सभी पैक्स अध्यक्षों को लक्ष्य के विपरीत 20 प्रतिशत ऋण क्रेडिट कर दिया गया है. अगर लेनदेन की प्रक्रिया अच्छी हुई तो इसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक कर दिया जाएगा. बैंक ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरी तैयारी कर ली गयी है. एक भी किसान नही छुटे इसका हमलोग ख्याल कर रहे हैं. डिफॉल्टर पैक्स को भी धान खरीदारी के लिए एक मौका दे रहे है. डिफॉल्टर पैक्स अपना मूलधन जमा करके धान की खरीददारी कर सकते हैं.

गया: जिले में धान की खरीददारी अगले दो दिनों में शुरू हो जाएगी. निर्धारित समय से धान की खरीदारी नहीं होने का कारण धान में मानक से अधिक नमी का होना था. जिले के 332 पैक्स में से 255 पैक्स समितियों और 24 व्यापार मंडल में इस बार धान की खरीददारी की जाएगी. वहीं, सरकार ने इस वर्ष धान की एमएसपी 1868 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है.
इस वर्ष जिले में धान की पैदावार अधिक हुई है. खलिहान धान के बोझों से अटा पड़ा है. पैक्सों में खरीदारी शुरू नहीं होने के कारण किसान एमएसपी से भी कम में फसल बेचने को मजबूर हैं.

अगले दो दिनों में शुरू होगी पैक्स द्वारा धान की खरीदारी
जब इस बाबत ईटीवी भारत ने जिले के सहकारिता पदाधिकारी निकेश कुमार से सरकारी खरीदारी की जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि जिले में अगले दो दिनों धान की सरकारी खरीदारी शुरू कर दी जाएगी. वहीं, जिलों के किसानों का कहना है कि पैक्स में जल्द धान की खरीददारी शुरू नहीं की गई तो मजबूरन उन्हें व्यापारियों को एमएसएपी से भी कम लागत में धान बेचना पड़ जाएगा. किसानों ने कहा कि रबी की बुआई सिर पर है. अगर जल्द धान बेच कर रबी के फसल की बुआई में हाथ नहीं लगाए तो पैदावार अच्छी नहीं होगी.

गया में अगले दो दिनों में सरकारी स्तर पर धान की खरीद शुरू होगी

जिले के 31 पैक्स अध्यक्ष हैं डिफॉल्टर
बता दें कि गया में 332 पैक्स अध्यक्ष है जिनमे से 31 डिफॉल्टर हैं. इनके क्षेत्र के किसानों का धान व्यापर मंडल में खरीदारी होगा. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि गया जिले में दो दिन में धान की खरीदारी शुरू हो जाएगी. अभी हमलोग ने सर्वे कराया था जिसमे धान में नमी 20 प्रतिशत है. जबकि मानक के अनुसार 17 प्रतिशत ही नमीं वाला धान की खरीदारी करना है. इस वर्ष सरकार ने गया जिले में डेढ़ लाख एमपी का लक्ष्य रखा है.

गया
फसल की कटाई करते किसान

वहीं, मगध सेंट्रल को ओपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक अमर कुमार झा ने बताया की इस बार सभी पैक्स अध्यक्षों को लक्ष्य के विपरीत 20 प्रतिशत ऋण क्रेडिट कर दिया गया है. अगर लेनदेन की प्रक्रिया अच्छी हुई तो इसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक कर दिया जाएगा. बैंक ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरी तैयारी कर ली गयी है. एक भी किसान नही छुटे इसका हमलोग ख्याल कर रहे हैं. डिफॉल्टर पैक्स को भी धान खरीदारी के लिए एक मौका दे रहे है. डिफॉल्टर पैक्स अपना मूलधन जमा करके धान की खरीददारी कर सकते हैं.

Last Updated : Dec 7, 2020, 11:55 AM IST
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