दरभंगा: जिले में एक मछली लोगों के कौतूहल का विषय बनी हुई है. दरभंगा राज के ऐतिहासिक रामबाग परिसर के तालाब से अजीबोगरीब रंग-रूप और संरचना वाली ये मछली मछुआरे गणपत सहनी के जाल में फंसी. तो उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा.
इस मछली का रंग काला है और शरीर पर भूरे रंग के छींट जैसे निशान हैं. पंख जैसी संरचना भी इसके शरीर पर बनी हुई है, जबकि इसका मुंह भी सामान्य मछली की तरह नहीं है.
मछली को देखने के लिए लगी लोगों की भीड़
मछुआरे गणपत सहनी ने बताया वह रामबाग के गेट पर मछली की दुकान लगाता है. गुरुवार को ये मछली उसके जाल में फंसी थी. रामबाग परिसर स्थित तालाब में मछली मारने गया था. वहां से ये मछली मिली है. उसने कहा कि ऐसा लगता है कि ये मछली बाढ़ के पानी में बह कर इस तालाब में आ गई होगी.
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मछली का नाम नहीं पता
इस मछली का नाम उसे नहीं पता चल सका है. ऐसा लगता है कि ये जंगली मछली है. मछली को देखने के लिए दुकान पर लोगों की भीड़ लग रही है. वहीं, इस मछली को मछुआरा ने नहीं बेचने का फैसला किया है, बल्कि शो केस में संभाल कर रखेगा.
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दरभंगा महाराज के राज चिन्ह वाली मछली!
वहीं, स्थानीय लोगों की मानें तो ये मछली दरभंगा महाराज के राज चिन्ह पंखवाली मछली से काफी हद तक मिलती है. कामेश्वर महाराज के समय का राज चिन्ह पूरी तरह मछली पर ही केंद्रित था.
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