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अररिया: जोगबनी में घुसा बाढ़ का पानी, सरकारी मदद नहीं मिलने से लोग हुए आक्रोशित - flood in jogbani

लोगों की शिकायत है कि यहां प्रशासन की तरफ से अब तक कोई मदद नहीं मिली है. लोग भूखे प्यासे घर में बैठे हैं. हालांकि राहत की बात ये है कि रात में जितनी तेज़ी से बारिश का पानी इलाके में घुसा था, वो सुबह होते-होते कम हो गया.

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Published : Jul 13, 2019, 8:56 PM IST

अररिया: बिहार में लगातार बढ़ रहे जलस्तर का असर अररिया में भी दिख रहा है. जिले के पांच प्रखंड बाढ़ की चपेट में है. नेपाल से सटे जोगबनी के टिकुलिया गांव में बाढ़ का असर साफ देखा जा सकता है. लोग कमर भर पानी में जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं. लोगों का कहना है कि हालात इतने भयावह हो गये हैं फिर भी अभी तक कोई प्रशासनिक मदद नहीं मिली है. ग्रामीण एक दूसरे के सहयोग से ही ऊंचे जगहों पर जा रहे हैं.

जोगबनी में बीते कई दिनों से हो रही लगातार बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है. साथ ही नेपाल से छोड़े गए पानी से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. कई जगहों पर आवागमन बाधित हो चुका है. निचले इलाके में बसे लोग घर-बार छोड़ कर अपने रिश्तेदारों के यहां पहुंच गये हैं. उनके घर पूरी तरह से डूब चुके हैं.

बाढ़ में डूबा गांव

लोगों को सता रहा है 2017 जैसे बाढ़ का डर
लोगों की शिकायत है कि यहां प्रशासन की तरफ से अब तक कोई मदद नहीं मिली है. लोग भूखे प्यासे घर में बैठे हैं. हालांकि राहत की बात ये है कि रात में जितनी तेज़ी से बारिश का पानी इलाके में घुसा था, वो सुबह होते-होते कम हो गया. जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली. लेकिन कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने मुसीबत को और बढ़ा दिया है. लोगों को फिर से एक बार 2017 जैसे बाढ़ का डर सताने लगा है.

अररिया: बिहार में लगातार बढ़ रहे जलस्तर का असर अररिया में भी दिख रहा है. जिले के पांच प्रखंड बाढ़ की चपेट में है. नेपाल से सटे जोगबनी के टिकुलिया गांव में बाढ़ का असर साफ देखा जा सकता है. लोग कमर भर पानी में जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं. लोगों का कहना है कि हालात इतने भयावह हो गये हैं फिर भी अभी तक कोई प्रशासनिक मदद नहीं मिली है. ग्रामीण एक दूसरे के सहयोग से ही ऊंचे जगहों पर जा रहे हैं.

जोगबनी में बीते कई दिनों से हो रही लगातार बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है. साथ ही नेपाल से छोड़े गए पानी से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. कई जगहों पर आवागमन बाधित हो चुका है. निचले इलाके में बसे लोग घर-बार छोड़ कर अपने रिश्तेदारों के यहां पहुंच गये हैं. उनके घर पूरी तरह से डूब चुके हैं.

बाढ़ में डूबा गांव

लोगों को सता रहा है 2017 जैसे बाढ़ का डर
लोगों की शिकायत है कि यहां प्रशासन की तरफ से अब तक कोई मदद नहीं मिली है. लोग भूखे प्यासे घर में बैठे हैं. हालांकि राहत की बात ये है कि रात में जितनी तेज़ी से बारिश का पानी इलाके में घुसा था, वो सुबह होते-होते कम हो गया. जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली. लेकिन कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने मुसीबत को और बढ़ा दिया है. लोगों को फिर से एक बार 2017 जैसे बाढ़ का डर सताने लगा है.

Intro:अररिया का पांच प्रखंड बाढ़ की चपेट में है इस वक़्त हम नेपाल से सटे जोगबनी के टिकुलिया गांव का नज़ारा देख सकते हैं। लोग कमर भर पानी डूब कर जान जोखिम में डाल आने जाने को मजबूर हैं और अभी तक यहां के लोगों को किसी भी तरह से कोई प्रशासनिक मदद नहीं मिल रहा है ग्रामीण एक दूसरे को सहयोग कर ऊंचे जगह पर पहुंचा रहे हैं।


Body:अररिया के जोगबनी में बीते कई दिनों से हो रहे लगातार बारिश ने लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। साथ ही नेपाल से छोड़े गए पानी से एक बार फ़िर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है कई जगहों पर आवागमन बाधित हो चुका है निचले इलाके में बसे लोग घर छोड़ कर अपने रिश्तेदार के यहां जाकर शरण लिए हुए घर पूरी तरह से डूब चुका है। यहां प्रशासनिक तौर पर किसी तरह की कोई मदद नहीं कर रहा है। लोग भूखे प्यासे घर में बैठे हैं पानी घटने का या फ़िर आने जाने के लिए नाव का इंतज़ाम हो वो भी नहीं मिला है। हालांकि राहत की बात यह है कि रात में जितनी तेज़ी से बारिश घुसा था और पानी रेलवे ट्रैक तक जा पहुंचा था फ़िर सुबह होते होते पानी घट गया जिससे लोगों से राहत का सांस लिया। पर कई दिनों से लगातार हो रहे बारिश में मुसीबत को बढ़ा दिया है। लोगों को एक फ़िर अगस्त 2017 का डर सताने लगा है लोग रात भर जग कर पानी घटने के इंतज़ार करते हैं।


Conclusion:संबंधित विसुअल पानी में डूब कर ग्रामीण की राय
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