लखनऊ: समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वृद्धा पेंशन पा रहे बुजुर्गों को उम्मीद थी कि सरकार उनके पेंशन में 500 की बढ़ोतरी करेगी. सरकार ने अपने बजट भाषण में वृद्धावस्था और किसान पेंशन योजना में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं की है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान बताया कि वृद्धावस्था व किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत प्रति लाभार्थी 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है. इसके लिए इस साल के बजट में लगभग 8105 करोड़ रुपये की व्यवस्था सरकार की तरफ से की गयी है.
मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह के लिए 550 करोड़: वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में निर्धन व गरीब परिवारों की बच्चियों की शादी के लिए सरकार की तरफ से इस बार के बजट में 550 करोड की व्यवस्था की गई है. सरकार सभी वर्गों की लड़कियों के विवाह का अनुदान मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के द्वारा करती है. इसके अलावा बजट में अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों की बेटियों की शादी अनुदान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तथा सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की बेटियों की शादी योजना के लिये 50 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है.
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वृद्ध एवं अशक्त व्यक्तियों के लिये आवासीय गृह संचालित करने हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता प्रदान किये जाने हेतु 60 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित है. अनुसूचित जाति पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना हेतु लगभग 968 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है. वहीं सामान्य वर्ग पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत 900 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.
छात्रवृत्ति योजना के लिए लगभग 6 करोड़: साथ ही अनुसूचित जनजाति के छात्र/ छात्राओं को पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये दिए गए हैं. प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान "पीएम- जनमन" के अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जन जातीय समूहों का समग्र विकास किया जाना है. धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारम्भ माननीय प्रधानमंत्री में 02 अक्टूबर, 2024 को किया गया है. योजना का उद्देश्य देशभर में 63,000 से अधिक जनजातीय बाहुल्य ग्रामों तथा आकांक्षी जनपदों के जनजातीय ग्रामों को 18 विभागों के कार्यक्रमों से संतृप्त किया जाना है.
जीरो पॉवर्टी अभियान स्वागत योग्य कदमः यूपी बजट 2025 को लेकर विद्यान्त हिन्दू पीजी कालेज की अर्थशास्त्र असिस्टेंट प्रो. स्मिता मिश्रा का कहना है कि अर्थशास्त्रों के मुताबिक जीरो पॉवर्टी अभियान बेहद ही स्वागत योग्य कदम है. जिससे वंचित व्यक्तियों के जीवन स्तर को पर उठाने में मदद मिलेगी. इसी तरह संत कबीर वस्त्र उद्योग पार्क, संत रविदास चर्म उद्योग पार्क और प्रत्येक जनपद में पीपीपी मॉडल पर डेवलप किये जा रहे जनपदीय आर्थिक क्षेत्र विभिन्न विधाओं में कुशल युवाओं के लिए रोजगार सृजन करने वाले होंगे. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का तथा उनको उन्हीं के स्थान पर आय के अवसर उपलब्ध कराएगा.
नारी शक्ति के लिए कई सौगातेंः असिस्टेंट प्रो. स्मिता मिश्रा ने बताया कि नारी शक्ति के लिए इस बजट में अनेक सौगातें हैं. कामकाजी महिलाओं के लिए बड़े नगरों में हॉस्टल बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अनुदान को दोगुना किया जाना, विधवा पुनर्विवाह में प्रोत्साहन राशि में वृद्धि, मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना यह सभी पहलें सराहनीय है. श्रमजीवी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सात जनपदों में हॉस्टल की व्यवस्था जहां एक तरफ कामकाजी महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि करने वाला होगा, वहीं उन्हें उनके लिए बड़े शहरों में जाकर रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा.
उत्तर प्रदेश के विकास का बजटः प्रो. स्मिता मिश्रा ने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में 4 हजार करोड़ रुपए का निवेश एक क्रांतिकारी कदम है. इसी प्रकार 4 नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की घोषणा प्रदेश में कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने वाला होगा. अवस्थापना विकास के लिए कुल बजट के 22% का प्रावधान औद्योगिक क्षेत्र तथा पर्यटन को गति देने वाला है. प्रदेश सरकार का यह बजट उत्तर प्रदेश के विकास का बजट है, जहां पहले से विकास पथ पर गतिमान उत्तर प्रदेश ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ेगा.
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