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5 महीने पहले हुए झगड़े में घायल ने तोड़ा दम, अस्पताल के बाहर परिजनों ने जमकर काटा बवाल, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग - PERSON DIED IN JIND HOSPITAL

जींद में व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा और पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप जड़े हैं.

person died in jind Village Dharaudi
person died in jind Village Dharaudi (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : Nov 28, 2024, 7:09 PM IST

जींद: हरियाणा के जींद में गांव धरौदी में करीब 5 माह पहले झगड़े में घायल हुए व्यक्ति की मौत होने पर परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. जिसके चलते गुरुवार के दिन नागरिक अस्पताल में परिजनों ने बवाल काटा. परिजनों ने गिरफ्तारी न होने तक पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है. मृतक पर भी हत्या का आरोप है. परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की. जिसके चलते अस्पताल के बाहर ही परिजनों न नारेबाजी शुरू कर दी. मौके पर पहुंचे नरवाना के डीएसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

क्या है पूरा मामला: बता दें कि गांव धरौदी में गत 10 जुलाई को धरौदी निवासी सुरश परिवार तथा खजाना परिवार के बीच झगड़ा हो गया था. जिसमें खजाना की संदिग्ध मौत हो गई थी. जबकि सुरेश व उसके परिजनो को भी काफी चोटें आई थी. सुरेश का कहना था कि खजाना की मौत हृदय गति रूकने से हुई थी. पुलिस ने खजाना के बेटे दर्शन की शिकायत पर सुरेश समेत तीन लोगों को नामजद कर अन्य 8 के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.

उस दौरान पुलिस ने सुरेश के चोटिल होने बाद भी दूसरे पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज न कर केवल रपट लिखी थी. रिपोर्ट में भी खजाना की मौत हृदय गति रूकना बताया गया है। सुरेश को जेल भी जाना पड़ा था। बाद में उसे जमानत भी मिल गई थी. सुरेश का उसी दौरान से इलाज चल रहा था. वीरवार को हालात बिगड़ने पर सुरेश को नागरिक अस्पताल लाया गया. जहां पर उसकी मौत हो गई.

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन: सुरेश की मौत होने की सूचना मिलने पर परिजन तथा रिश्तेदार नागरिक अस्पताल पहुंच गए. परिजनों ने कहा कि खजाना परिवार ने सुरेश तथा उनके रिश्तेदार को बंधक बना कर बेरहमी से पिटा था. दोनों को गंभीर चोटें आई थी. खजाना की मौत झगड़े के कुछ समय बाद हृदय गति रूकने से हुई थी. फिर भी उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल में डाल दिया. सुरेश के बयान पर कोई कार्रवाई पुलिस ने नहीं की. अब सुरेश की मौत उस समय बंधक बनाकर की गई बेरहम पिटाई के कारण हुई है. उनके पास इसके सारे सबूत भी हैं. पुलिस अब आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर रही है. जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा और धरना जारी रहेगा.

पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप: मृतक के बेटे रवि ने अपने बयान में डॉ. सुभाष, रोशन समेत 25 लोगों पर हत्या तथा साजिश मे शामिल होने आरोप लगाते हुए ब्यान दर्ज कराए हैं. परिजनों ने सदर थाना नरवाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि खजान सिंह की मौत के मामले में बहुत यातनाएं सही है. पुलिस दूसरे पक्ष के साथ मिली हुई थी.

पुलिस कर रही मामले की जांच: यहां तक की पुलिस हिरासत मे भी सुरेश के इलाज का खर्च उन्हें वहन करना पड़ा. उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया. जबकि उन्हें मालूम था कि खजान की मौत हृदय गति रूकने से हुई है. आरोपित के साथ मिलीभगत कर जांच करने की बजाय उन्हें जेल में डाल दिया गया. अब सुरेश की मौत हो चुकी है. पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी में आनाकानी कर रही है. पुलिस की कार्यशैली की भी गहनता से जांच होनी चाहिए. इस मामले में डीएसपी अमित भाटिया ने कहा कि मामले की जांच किसी भी एजेंसी से करवाई जा सकती है. पोस्टमार्टम होने पर ही मौत के कारण की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. परिजन पोस्टमार्टम कराए. मामले की जांच गहना से की जाएगी. परिजनों से बातचीत जारी है.

ये भी पढ़ें: जींद में करंट लगने से बच्ची की मौत, दर्जनों घरों पर हाईटेंशन की 'टेंशन', गुस्साए लोगों ने पॉवर हाउस दफ्तर पर जड़ा ताला

ये भी पढ़ें: कैथल में CID इंस्पेक्टर ने ट्रैफिक SHO को दे डाली धमकी!, बेटे का चालान काटने पर भड़के

जींद: हरियाणा के जींद में गांव धरौदी में करीब 5 माह पहले झगड़े में घायल हुए व्यक्ति की मौत होने पर परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. जिसके चलते गुरुवार के दिन नागरिक अस्पताल में परिजनों ने बवाल काटा. परिजनों ने गिरफ्तारी न होने तक पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है. मृतक पर भी हत्या का आरोप है. परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की. जिसके चलते अस्पताल के बाहर ही परिजनों न नारेबाजी शुरू कर दी. मौके पर पहुंचे नरवाना के डीएसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

क्या है पूरा मामला: बता दें कि गांव धरौदी में गत 10 जुलाई को धरौदी निवासी सुरश परिवार तथा खजाना परिवार के बीच झगड़ा हो गया था. जिसमें खजाना की संदिग्ध मौत हो गई थी. जबकि सुरेश व उसके परिजनो को भी काफी चोटें आई थी. सुरेश का कहना था कि खजाना की मौत हृदय गति रूकने से हुई थी. पुलिस ने खजाना के बेटे दर्शन की शिकायत पर सुरेश समेत तीन लोगों को नामजद कर अन्य 8 के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.

उस दौरान पुलिस ने सुरेश के चोटिल होने बाद भी दूसरे पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज न कर केवल रपट लिखी थी. रिपोर्ट में भी खजाना की मौत हृदय गति रूकना बताया गया है। सुरेश को जेल भी जाना पड़ा था। बाद में उसे जमानत भी मिल गई थी. सुरेश का उसी दौरान से इलाज चल रहा था. वीरवार को हालात बिगड़ने पर सुरेश को नागरिक अस्पताल लाया गया. जहां पर उसकी मौत हो गई.

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन: सुरेश की मौत होने की सूचना मिलने पर परिजन तथा रिश्तेदार नागरिक अस्पताल पहुंच गए. परिजनों ने कहा कि खजाना परिवार ने सुरेश तथा उनके रिश्तेदार को बंधक बना कर बेरहमी से पिटा था. दोनों को गंभीर चोटें आई थी. खजाना की मौत झगड़े के कुछ समय बाद हृदय गति रूकने से हुई थी. फिर भी उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल में डाल दिया. सुरेश के बयान पर कोई कार्रवाई पुलिस ने नहीं की. अब सुरेश की मौत उस समय बंधक बनाकर की गई बेरहम पिटाई के कारण हुई है. उनके पास इसके सारे सबूत भी हैं. पुलिस अब आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर रही है. जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा और धरना जारी रहेगा.

पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप: मृतक के बेटे रवि ने अपने बयान में डॉ. सुभाष, रोशन समेत 25 लोगों पर हत्या तथा साजिश मे शामिल होने आरोप लगाते हुए ब्यान दर्ज कराए हैं. परिजनों ने सदर थाना नरवाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि खजान सिंह की मौत के मामले में बहुत यातनाएं सही है. पुलिस दूसरे पक्ष के साथ मिली हुई थी.

पुलिस कर रही मामले की जांच: यहां तक की पुलिस हिरासत मे भी सुरेश के इलाज का खर्च उन्हें वहन करना पड़ा. उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया. जबकि उन्हें मालूम था कि खजान की मौत हृदय गति रूकने से हुई है. आरोपित के साथ मिलीभगत कर जांच करने की बजाय उन्हें जेल में डाल दिया गया. अब सुरेश की मौत हो चुकी है. पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी में आनाकानी कर रही है. पुलिस की कार्यशैली की भी गहनता से जांच होनी चाहिए. इस मामले में डीएसपी अमित भाटिया ने कहा कि मामले की जांच किसी भी एजेंसी से करवाई जा सकती है. पोस्टमार्टम होने पर ही मौत के कारण की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. परिजन पोस्टमार्टम कराए. मामले की जांच गहना से की जाएगी. परिजनों से बातचीत जारी है.

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