कानपुर : अगर कोई भी युवा आज के इस दौर मे बॉडी बिल्डिंग करना चाहता है तो मेरा ऐसा मानना है, कि उसे अपने बजट के अनुसार ही बॉडी बिल्डिंग करनी चाहिए. सबसे अहम और प्रमुख बात है, की बॉडी बिल्डिंग करने से पहले युवाओं को अपनी आय का स्रोत काफी ज्यादा मजबूत करना चाहिए. कई बार युवा बॉडी बिल्डिंग शुरू तो कर देते हैं लेकिन, बजट की वजह से वह उसे बन्द कर देते हैं. ऐसे में कहीं न कहीं उनकी हेल्थ पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है. ये बातें रविवार को ईटीवी भारत से विशेष बातचीत के दौरान मिस्टर एशिया सुनीत जाधव ने कहीं.
उन्होंने कहा कि, उनका खुद का बॉडी बिल्डिंग का यह सफर काफी संघर्षों और चुनौतियों भरा रहा है. ऐसे में जो भी युवा बॉडी बिल्डिंग करना चाहते हैं. उन्हें हिम्मत नहीं हराना चाहिए. बस पूरी लगन और जुनून के साथ मेहनत करते रहना चाहिए.
सवाल : जब आपने बॉडी बिल्डिंग की शुरुआत की तो क्या कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था?
जवाब : ईटीवी भारत संवाददाता से खास बातचीत के दौरान मिस्टर एशिया सुनीत जाधव ने बताया कि, बॉडी बिल्डिंग के उनके सफर की शुरुआत करीब 15 साल पहले हुई थी. बॉडी बिल्डिंग मैंने अपने पिताजी से प्रभावित होकर शुरू की थी. शुरुआती दौर में मुझे काफी दिक्कत होती थी. लेकिन, जब शरीर को इसकी आदत पड़ने लगी तो उसके बाद मुझे एक्सरसाइज और जिम करना काफी ज्यादा अच्छा लगने लगा था. बॉडी बिल्डिंग के दौरान सबसे ज्यादा अपने खाने-पीने का ख्याल रखता था. हालांकि, जब मैंने बॉडी बिल्डिंग करना शुरू किया था. तब उस समय प्रोटीन और डाइट इतनी महंगी नहीं होती थी. लेकिन, अब प्रोटीन और डाइट दोनों ही काफी ज्यादा महंगी हो गई हैं.
सवाल : काफी संघर्षों भरा जीवन रहा है आपका और आप दो बार मिस्टर बॉडी बिल्डिंग भी चुने गए हैं. इसको लेकर आप क्या कहेंगे?
जवाब : सुनीत जाधव ने बताया कि, जब मैने बॉडी बिल्डिंग करना और जिम जाना शुरू किया था. तब मेरे दिमाग में किसी भी प्रकार की कोई उम्मीद नहीं थी. लेकिन, जब मैने पहली बार एक चैंपियनशिप को जीता तब मुझे ऐसा लगा कि अगर मैं थोड़ी और मेहनत करूंगा तो और भी आगे जा सकता हूं. उन्होंने बताया कि, बॉडी बिल्डिंग बहुत महंगा स्पोर्ट्स है. इसमें ट्रेनर से लेकर खाने-पीने तक काफी ज्यादा खर्च होता है. मेरे परिवार के लिए यह मुमकिन नहीं था. कि वह मेरी बॉडी बिल्डिंग का खर्च उठा सकें इसलिए इसकी शुरुआत में मुझे काफी ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ा. शायद यही वजह है कि बॉडी बिल्डिंग का मेरा यह सफर काफी संघर्ष भरा रहा था.
सवाल : जब आपका नाम मिस्टर इंडिया के खिताब के लिए चुना गया तब आपके दिमाग क्या चल रहा था और आप कैसा महसूस कर रहे थे?
जवाब : ईटीवी भारत संवाददाता से विशेष बातचीत के दौरान सुनीत जाधव ने बताया कि, जब मैं स्टेज पर खड़ा था तब मैं काफी ज्यादा परेशान था कि आखिर परिणाम क्या होगा? लेकिन, जिस वक्त मेरा नाम लिया गया तब मैं थोड़ा भावुक हो गया था और मेरी आंखों से आंसू भी निकलने लगे थे. क्योंकि मैने मिस्टर इंडिया का खिताब जीतने के लिए बहुत मेहनत की थी. और शायद यही वजह थी कि इस खिताब को मैंने दो बार अपने नाम किया.
सवाल : जो युवा बॉडी बिल्डिंग करना चाहते हैं उन्हें आप क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब : सुनील यादव ने बताया कि, बॉडी बिल्डिंग करने से पहले युवाओं को इसके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है कि आखिर बॉडी बिल्डिंग है क्या? दूसरा जब एक्सरसाइज करने के लिए किसी भी जिम में जाएं तो उन्हें वहां के जिम ट्रेनर को उसे अच्छे से गाइड करना चाहिए. जिम ट्रेनर को बताना चाहिए कि उसके लिए कौन सी एक्सरसाइज शुरुआती दौर में बेस्ट है और उस एक्सरसाइज को कैसे और कितनी देर करना चाहिए. इससे उस जिम ट्रेनर दोनों का ही नाम खराब नहीं होगा. इसके साथ ही जो भी युवा बॉडी बिल्डिंग करना चाहते हैं. उन्हें लगातार इसे जारी रखना चाहिए. युवाओं को पूरी मेहनत और लगन के साथ ही बॉडी बिल्डिंग करनी चाहिए. क्योकि तभी उन्हें इसके सफल परिणाम देखने को मिलेंगे.
सवाल : अब आप आगे क्या खेलना चाहते है?
जवाब : सुनीत जाधव ने बताया कि, मैंने कई नेशनल लेवल पर अवार्ड जीते हैं. अभी मैं ओलंपिया खेलना चाहता हूं और उसे जीतना भी चाहता हूं. बता दें, कि सुनीत जाधव एक संस्था के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए कानपुर पहुंचे थे. कार्यक्रम के संयोजक अक्षय सिंह ने सुनीत का फूलमाला से स्वागत किया. इसके साथ ही जैसे ही इस बात की जानकारी शहर के युवाओं को हुई तो वह उनसे मिलने के लिए पहुंचे और उनके साथ जमकर सेल्फी ली.
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