जामताड़ा: पश्चिम बंगाल से लेकर झारखंड के जामताड़ा होते हुए बिहार तक मछली का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. शाम होते ही पश्चिम बंगाल सीमा पर स्थित जामताड़ा के मिहिजाम थाना क्षेत्र से मछली गाड़ी पिकअप में मोटर लगाकर प्रवेश करने लगती है, जो झारखंड के जामताड़ा के विभिन्न थाना क्षेत्रों से होते हुए बिहार चली जाती है.
झारखंड सीमा में प्रवेश करते ही मिहिजाम थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रत्येक मछली गाड़ी से ₹2200 से ₹2500 रुपये की वसूली की जाती है. प्रति मछली गाड़ी ₹2200 से ₹2500 का टोकन दिया जाता है. तभी पास बनता है. पास देकर कहा जाता है कि गाड़ी को किसी भी थाने में नहीं रोका जाएगा और कहीं कोई पैसा भी नहीं देना होगा.
पूछने पर पश्चिम बंगाल से बिहार मछली लेकर जा रहे पिकअप वैन के चालक ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से मछली लाता है और बिहार जाता है. झारखंड के जामताड़ा में प्रवेश करते समय उन्हें प्रति वाहन 2200 से 2500 रुपये का टोकन दिया जाता है. ये पैसे चुकाने के बाद उन्हें झारखंड के रास्ते बिहार में जाने दिया जाता है.
सांसद ने की कार्रवाई की मांग
दुमका से भाजपा सांसद सुनील सोरेन ने स्थानीय प्रशासन और सरकार से पश्चिम बंगाल से जामताड़ा झारखंड के रास्ते चल रहे मछली के अवैध व्यापार और तस्करी पर कार्रवाई करने की मांग की है. सांसद ने कहा है कि पश्चिम बंगाल से झारखंड तक प्रतिबंधित थाई मागुंर मछली का भी कारोबार हो रहा है, जो कैंसर का कारण बनती है. इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सांसद ने कहा है कि प्रशासन इस पर तुरंत रोक लगाए और कार्रवाई करे, नहीं तो बीजेपी आंदोलन करेगी.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस धंधे में पश्चिम बंगाल के टीएमसी नेताओं का हाथ है. वहीं झारखंड में उन्हें उच्च पदस्थ पर बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त है. जिसके कारण यह व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है.
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