बीकानेर: जिला पुलिस को शुक्रवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. जिला पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है. सारे ठग बीकानेर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र के निवासी हैं. पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि इस गिरोह ने विभिन्न बैंकों के खातों का दुरुपयोग कर देशभर में 51.81 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया. पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई नागणेची मंदिर क्षेत्र में हुई, जहां इन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया.
किराए पर लेते अकाउंट: पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि गिरफ्तार साइबर गिरोह के सदस्यों द्वारा अलग-अलग राज्यों में बैठे ठगों के निर्देश पर साइबर फ्रॉड से राशि काम में लेते हैं. गरीब व भोले-भाले लोगों को बैंक में ले जाकर सेविंग अकाउंट खुलवाते हैं व फर्जी फर्म के नाम से रजिस्ट्रेशन कर करंट अकाउंट खुलवाते हैं. बैंक से आरोपियों के द्वारा खाता किट को बस के जरिए भिजवा देते थे. व्हाट्सएप के जरिये अकाउंट संबंधित जानकारी भी भिजवा देते थे. उन बैंक खातो में साइबर फ्रॉड की राशि जमा करवा दी जाती थी. जिसके बाद उन लोगों के गिरोह के द्वारा साइबर ठगी की राशि चैक बुक व एटीएम के माध्यम से निकलवा ली जाती थी.

पढ़ें: दुबई में बैठकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का मुख्य सरगना गिरफ्तार - CYBER FRAUD
इनको किया गिरफ्तार: पकड़े गए पवनपुरी निवासी समर्थ सोनी, धर्म नारायण सिंह, रोहित सिंह, शिव नारायण सिंह, राजीव नगर निवासी विकास बिश्नोई, एमपी कालोनी निवासी गुरदेव के पास से पुलिस पास से पुलिस ने भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग सामग्री बरामद की है. जिसमें 8 बैंक पासबुक, 16 चेकबुक, 23 एटीएम/डेबिट कार्ड, 3 अलग-अलग फॉर्म की सील मोहरें और केवाईसी फॉर्म शामिल हैं.

अंतराज्यीय लिंक: पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह सिर्फ बीकानेर तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी इनके नेटवर्क के लिंक मिले हैं. कई और युवा इस ठगी में शामिल हो सकते हैं. जिनको लेकर जानकारी जुटा जा रही है और आगे की जांच में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी.