एटा: यूपी के कासगंज में तालाब में डूबने से 24 फरवरी 2024 को एटा के 23 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में 18 लोग गांव नगला कसा, 4 समोगर रोरी और 1 खिरिया बनार गांव के रहने वाले थे. 25 फरवरी 2024 को इन 23 लोगों का विधि विधान से अंतिम संस्कार ( Cremation of 23 people in Etah) किया गया.
एटा जिले के जैथरा ब्लॉक के अंतर्गत जब तीन गांवों से 23 अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई. इस मंजर ने आसपास के लोगों को झकझोर दिया. इस हादसे में मारे गये 7 बच्चों के शव 10 फीट गहरे गड्ढे में दफनाए गए. नगला कसा, रोरी, बनार तीनों गांवों के लोगों के शवों का अंतिम संस्कार उनके परिजनों ने अपने-अपने खेतों में किया. परिजनों ने कहा कि हमारे यहां शमशान घाट में अंतिम संस्कार नहीं होता. अपनी निजी भूमि पर ही शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है.
तीनों गांवों में मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे यूपी सरकार के मंत्री संदीप सिंह ने मृतकों के परजनों को सरकार द्वारा दी गई सहायता राशि के चेक दिए. वहीं गांव में मंत्री अतुल प्रधान, फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत, अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह, डीएम प्रेम रंजन सिंह, एसएसपी राजेश कुमार सिंह सहित कई नेता और अधिकारी मौजूद रहे.
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ट्रैक्टर ट्राली की सवारी (Tractor trolley fallen in Kasganj pond) करना खतरे से खाली नहीं होता है. सरकार इसको लेकर पहले भी कई बार अपील कर चुकी है. लोग मानते नहीं हैं. ट्रैक्टर की सवारी में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होते हैं. गांव आकर हमने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी है. मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई 2 लाख की धनराशि के चेक सौंपे हैं. बहुत ही दर्दनाक हादसा हुआ था.
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