उदयपुर : राजस्थान के उदयपुर में पिछले 6 दिनों में तीन लोगों का शिकार कर चुका आदमखोर पैंथर वन विभाग की पकड़ में आ चुका है. पिछले 5 दिनों से चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच मंगलवार सुबह वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में शिकार को खाने के लिए पहुंचा पैंथर पिंजरे में कैद हो गया. यही नहीं इस दौरान एक अन्य पैंथर भी दूसरे पिंजरे में कैद हो गया. वन विभाग ने उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र के छाली गांव में 6 पिंजरे लगा रखे थे. वहीं, आदमखोर पैंथर के पकड़ में आने के बाद ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है. जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल भी मौके पर पहुंचे और वन अधिकारियों से जानकारी ली. वन विभाग के सीसीएफ सुनील छिद्री भी मौके पर पहुंचे हैं. दोनों पैंथर को उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में ले जाया गया है.
वन विभाग की टीम और प्रशासन लगातार पैंथर को पकड़ने के लिए प्रयासरत थी. आर्मी की टीम भी पैंथर को ढूंढ रही थी. दो पैंथर को सोमवार रात को पकड़ा गया है. दोनों को सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ले जाया जाएगा. प्राथमिक उपचार के बाद पैंथर को लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी. : अरविंद पोसवाल, जिला कलेक्टर
आर्मी को उतारे : बता दें कि पिछले 6 दिनों में तीन इंसानों पर हमला करने के बाद उन्हें मौत के घाट उतार चुका पैंथर काफी चालाक था. पैंथर को पकड़ने के लिए उदयपुर, राजसमंद और जोधपुर जिले की वन विभाग की टीमें जुटी थी. यही नहीं इंडियन आर्मी भी ड्रोन की मदद से पिछले तीन दिनों से पैंथर के लिए सर्च कर रही थी. छाली गांव से पकड़े गए पैंथर को उदयपुर लाया जाएगा. यहां वाइल्ड लाइफ डॉक्टर्स की ओर से मेडिकल करवाया जाएगा.
छाली गांव के आसपास लगाए 6 पिंजरे : बता दें कि वन विभाग के आलाधिकारी लगातार मोर्चा संभाले हुए थे. दूसरी ओर आर्मी की टीम भी लगातार ड्रोन की मदद से चप्पा-चप्पा छान रही थी. पैंथर को पकड़ने के लिए 6 जगह पिंजरे लगाए गए थे. इनकी ड्रोन, नाइट विजन दूरबीनों के अलावा ट्रैप कैमरों से निगरानी की जा रही थी. वन विभाग ने पांचवें दिन पिंजरों के अंदर और बाहर बकरे का मांस रखा. जगह-जगह मछलियों की गंध वाला पानी भी छिड़का. पैंथर को मछली पसंद है और इसकी तीखी गंध वह मीलों दूर से भांप लेता है. मंगलवार सुबह दो पिंजरे में दो पैंथर ट्रैप हो गए, जिसके बाद वन विभाग और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.
इनका किया शिकार : पैंथर ने शुक्रवार को छाली पंचायत के उमरिया गांव में हमेरी गमेती (50) का शिकार किया था. इससे पहले गुरुवार सुबह कमेड़, उंडीथल में 16 साल कमला गमेती और शाम को 500 मीटर दूर भेवड़िया में खुमाराम गमेती (45) को मार डाला था. शुक्रवार सुबह उसने उंडीथल गांव के बीड़ में बैल को मार दिया फिर शाम 6 बजे छाली पंचायत मुख्यालय के पीछे मगरे पर गाय का भी शिकार किया. यह जगह उंडीथल से करीब 3 किमी दूर है.