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धरती के भगवानों ने 'यदा यदा हि धर्मस्य' से दिया धर्म का संदेश... छल कपट...चौसर युद्ध ने कराया महाभारत - TAJ MAHOTSAV 2025

नृत्य नाटिका में आगरा के पुरुष और महिला चिकित्सकों ने निभाए श्रीकृष्ण से लेकर अन्य किरदार, देखकर भावविभोर हुए दर्शक

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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : Feb 26, 2025, 6:00 AM IST

Updated : Feb 26, 2025, 10:08 AM IST

आगरा: ताज महोत्सव में संस्कार भारती के चितचोर फाउंडेशन ने सूरसदन सभागार में मंगलवार देर शाम आगरा के 35 चिकित्सकों द्वारा 'यदा-यदा हि धर्मस्य... ' नृत्य नाटिका का मंचन किया गया.


शंखनाद के साथ श्रीगणेश और वेद व्यास का संवाद और फिर द्रौपदी के स्वयंवर से लेकर चौसर, गीता उपदेश और महाभारत युद्ध के मंचन ने दर्शकों की आंखों को कभी पानी से भर दिया तो तभी श्रीकृष्ण के जयकारे लगाने को मजबूर कर दिया. शब्द कम थे परन्तु कलाकारों के भाव हर संदेश दर्शकों तक पहुंचाने में सफल रहे. नृत्य नाटिका में तेज चपल रोशनी की तरह, ज्ञान के उत्साह से भरी द्रैपदी, जिसकी भाग्य रेखा अग्नि थी. चंदन सी जिसकी काया और अग्नि ने जिसे सजाया था. दुर्योधन का अरमान सिर्फ हस्तिनापुर का सिंहासन को पाना ही नहीं परन्तु पांचाली के अभिमान को तोड़ना चाहता था. जिसके लिए चौसर का खेल बिछाया गया.

ताज महोत्सव में नृत्य नाटिका का मंचन. (etv bharat)


भजन के साथ हर दर्शक भक्ति में डूबेः जहां शकुनि मामा की छल और कपट की गोटियों ने स्त्री द्रोपदी के स्वाभिमान को तार-तार किया. भरी सभा में कौरवों ने द्रोपदी को अपमानित किया. इससे आहत द्रौपदी की के प्रण और काल चक्र ने सबसे प्रचण्ड युद्ध महाभारत का शंखनाद किया. जिसमें धर्म की जीत हुई. चिकित्सकों का अभिनय देखकर दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए. श्रीहरि की भक्ति द्रौपदी ने जब पुकार लगाई तो भगवान ने उनका चीर बढ़ाया तो हरे कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा... भजन के साथ हर दर्शक भक्ति में डूब गए.


नृत्य नाटिका से दिया सत्य की जीत का संदेशः ऋषि वेद व्यास के स्वरूप करने वाले आईएमए की आगरा शाखा के इलेक्ट प्रेसिडेंट डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि इस नृत्य नाटिका से संदेश दिया कि हमेशा सत्य की जीत होती है. द्रौपदी का स्वरूप करने वाली वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति पाठक ने बताया कि युग कोई भी हो, महिलाओं को अपने साथ होने वाले दुर्भाव को लेकर प्रतिकार करना चाहिए. जिससे उसे न्याय मिलेगा, उसका स्वाभिमान रहेगा. शकुनि मामा का स्वरूप करने वाले आईएमए आगरा के प्रेसिडेंट डॉ. अनुपू दीक्षित का कहना है कि छल कपट का अंत होता है. सत्य की जीत होती है. नृत्य नाटिका में भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप करने वाले सीनियर सर्जन डॉ. सुरेन्द्र पाठक का कहना है कि युग कोई भी हो, जब भी अधर्म बढा है. भगवान किसी ना किसी रूप में धरती पर आएंगे. अधर्म का नाश करेंगे और धर्म स्थापित करेंगे.

इन चिकित्सकों ने निभाए किरदारः श्रीकृष्ण-डॉ. सुरेन्द्र पाठक, शकुनि मामा-डॉ. अनुपू दीक्षित, द्रोपदी-डॉ. प्रीति पाठक, दुष्यासन-डॉ. योगेश सिंघल, दुर्योधन-डॉ. अनुराग गुप्ता, युधिष्ठर डॉ. संजना अरोरा, अर्जुन-डॉ. अनुपम त्यागी, भीम-डॉ. अवन्ती गोयल, नकुल-डॉ. संधि जैन, कुन्ती-डॉ. सुनीता पंजवानी, श्रीगणेश- शौर्य पाठक, सहदेव डॉ. कनिका गोयल, डॉ. मनीषा गुप्ता, डॉ. पल्लवी गोयल, डॉ. मेघा अग्रवाल, डॉ. रश्मि सक्सेना, डॉ. साक्षी मिश्रा, ने प्रस्तुत की। संचालन डॉ. पूजा नगायच, डॉ. रेनू अग्रवाल, डॉ. अर्चना सिंघल ने किया.

आगरा: ताज महोत्सव में संस्कार भारती के चितचोर फाउंडेशन ने सूरसदन सभागार में मंगलवार देर शाम आगरा के 35 चिकित्सकों द्वारा 'यदा-यदा हि धर्मस्य... ' नृत्य नाटिका का मंचन किया गया.


शंखनाद के साथ श्रीगणेश और वेद व्यास का संवाद और फिर द्रौपदी के स्वयंवर से लेकर चौसर, गीता उपदेश और महाभारत युद्ध के मंचन ने दर्शकों की आंखों को कभी पानी से भर दिया तो तभी श्रीकृष्ण के जयकारे लगाने को मजबूर कर दिया. शब्द कम थे परन्तु कलाकारों के भाव हर संदेश दर्शकों तक पहुंचाने में सफल रहे. नृत्य नाटिका में तेज चपल रोशनी की तरह, ज्ञान के उत्साह से भरी द्रैपदी, जिसकी भाग्य रेखा अग्नि थी. चंदन सी जिसकी काया और अग्नि ने जिसे सजाया था. दुर्योधन का अरमान सिर्फ हस्तिनापुर का सिंहासन को पाना ही नहीं परन्तु पांचाली के अभिमान को तोड़ना चाहता था. जिसके लिए चौसर का खेल बिछाया गया.

ताज महोत्सव में नृत्य नाटिका का मंचन. (etv bharat)


भजन के साथ हर दर्शक भक्ति में डूबेः जहां शकुनि मामा की छल और कपट की गोटियों ने स्त्री द्रोपदी के स्वाभिमान को तार-तार किया. भरी सभा में कौरवों ने द्रोपदी को अपमानित किया. इससे आहत द्रौपदी की के प्रण और काल चक्र ने सबसे प्रचण्ड युद्ध महाभारत का शंखनाद किया. जिसमें धर्म की जीत हुई. चिकित्सकों का अभिनय देखकर दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए. श्रीहरि की भक्ति द्रौपदी ने जब पुकार लगाई तो भगवान ने उनका चीर बढ़ाया तो हरे कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा... भजन के साथ हर दर्शक भक्ति में डूब गए.


नृत्य नाटिका से दिया सत्य की जीत का संदेशः ऋषि वेद व्यास के स्वरूप करने वाले आईएमए की आगरा शाखा के इलेक्ट प्रेसिडेंट डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि इस नृत्य नाटिका से संदेश दिया कि हमेशा सत्य की जीत होती है. द्रौपदी का स्वरूप करने वाली वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति पाठक ने बताया कि युग कोई भी हो, महिलाओं को अपने साथ होने वाले दुर्भाव को लेकर प्रतिकार करना चाहिए. जिससे उसे न्याय मिलेगा, उसका स्वाभिमान रहेगा. शकुनि मामा का स्वरूप करने वाले आईएमए आगरा के प्रेसिडेंट डॉ. अनुपू दीक्षित का कहना है कि छल कपट का अंत होता है. सत्य की जीत होती है. नृत्य नाटिका में भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप करने वाले सीनियर सर्जन डॉ. सुरेन्द्र पाठक का कहना है कि युग कोई भी हो, जब भी अधर्म बढा है. भगवान किसी ना किसी रूप में धरती पर आएंगे. अधर्म का नाश करेंगे और धर्म स्थापित करेंगे.

इन चिकित्सकों ने निभाए किरदारः श्रीकृष्ण-डॉ. सुरेन्द्र पाठक, शकुनि मामा-डॉ. अनुपू दीक्षित, द्रोपदी-डॉ. प्रीति पाठक, दुष्यासन-डॉ. योगेश सिंघल, दुर्योधन-डॉ. अनुराग गुप्ता, युधिष्ठर डॉ. संजना अरोरा, अर्जुन-डॉ. अनुपम त्यागी, भीम-डॉ. अवन्ती गोयल, नकुल-डॉ. संधि जैन, कुन्ती-डॉ. सुनीता पंजवानी, श्रीगणेश- शौर्य पाठक, सहदेव डॉ. कनिका गोयल, डॉ. मनीषा गुप्ता, डॉ. पल्लवी गोयल, डॉ. मेघा अग्रवाल, डॉ. रश्मि सक्सेना, डॉ. साक्षी मिश्रा, ने प्रस्तुत की। संचालन डॉ. पूजा नगायच, डॉ. रेनू अग्रवाल, डॉ. अर्चना सिंघल ने किया.

Last Updated : Feb 26, 2025, 10:08 AM IST
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